नोटिस के बाद भी हड़ताल पर सेवा कर्मी

विनोद कुमार ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन जमा करवाने के लिए वह पांच बार सेवा केंद्र आ चुके हैं, लेकिन हर बार हड़ताल का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि यदि निजी कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं तो सरकार अस्थायी तौर पर सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी सेवा केंद्रों में लगाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। सेवा केंद्र कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जाए। {वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। {सेवा केंद्रों को सीधे सरकारी नियंत्रण में लिया जाए। {अनुभवी कर्मचारियों और नए भर्ती कर्मियों के वेतन में अंतर रखा जाए। {सरकारी कर्मचारियों जैसी सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं दी जाएं। {ठेका प्रणाली समाप्त कर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इंद्रजीत कौर ने बताया कि उनके बेटे के कॉलेज दाखिले के लिए जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है। वह पांच बार सेवा केंद्र के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन हर बार केंद्र बंद मिला। सोमवार को भी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। कुलदीप सिंह अपने बेटे हरदीप सिंह के साथ जाति प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे। केंद्र पर ताला लगा देखकर उन्हें निराशा हुई। उनका कहना है कि कोई यह भी बताने को तैयार नहीं कि सेवा केंद्र कब तक खुलेंगे। भास्कर न्यूज | लुधियाना सेवा केंद्रों के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। पिछले करीब दो सप्ताह से जारी इस आंदोलन के चलते शहर के अधिकांश सेवा केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं, जिससे आधार कार्ड अपडेट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र सहित दर्जनों सरकारी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी काम करवाने के लिए सेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। हड़ताल का असर सोमवार को भी साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कार्य दिवस पर बड़ी संख्या में लोग सेवा केंद्रों में अपने काम करवाने पहुंचे, लेकिन केंद्रों पर ताले लगे मिले। कई लोगों ने घंटों इंतजार किया, मगर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। नतीजतन लोगों को बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा। सेवा केंद्रों में सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज तैयार करवाने, प्रमाण पत्र बनवाने, आधार अपडेट कराने और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हड़ताल के कारण विद्यार्थियों, बुजुर्गों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच सरकार और प्रबंधन ने भी हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हड़ताल किए कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा। ऐसे में आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। {जसवंत और उनकी पत्नी बिंदु गुप्ता अपनी बेटी का आधार कार्ड अपडेट करवाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में दस्तावेज जमा करवाने के लिए आधार अपडेट कराना अनिवार्य है, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बाद भी काम नहीं हो सका। {पनवंशदीप सिंह ने बताया कि स्कूल में जमा करवाने के लिए निवास प्रमाण पत्र बनवाना है और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी आवेदन करना है। कई बार आने के बावजूद उनका काम नहीं हो पाया। सेवा केंद्र पर लगा ताला

   

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