पठानकोट में सड़कों पर उतरे सैंकड़ों मजदूर:वेल्फेयर सोसाइटी ने जताया रोष, मानसिक-आर्थिक शोषण का आरोप लगा काम किया ठप

पठानकोट में मजदूर वेल्फेयर सोसाइटी के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने ठेकेदारी प्रथा के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने काम बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और मेट द्वारा लंबे समय से उनका मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मजदूर नेता बलविंदर कुमार ने बताया कि मजदूर वर्षों से ईमानदारी से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद ठेकेदार और मेट की मिलीभगत से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। मेहनतकश मजदूरों को किया जा रहा तंग मजदूर नेता बलविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट की ओर से कुछ पसंदीदा मजदूरों को समय से पहले घर भेजकर भी उनकी फर्जी हाजिरी लगाई जाती है और पूरा वेतन दिया जाता है। वहीं, मेहनती मजदूरों को प्रताड़ित किया जाता है और आवाज उठाने पर उन्हें काम से निकालने की धमकियां मिलती हैं। मजदूरों ने संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी पता लगाने को कहा है कि हड़ताल के दौरान किन मजदूरों से काम कराया गया और उन्हें किस आधार पर विशेष रियायतें दी गईं। राजनीतिक दलों और सरकारों पर भी निशाना साधा प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने राजनीतिक दलों और सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेता मुफ्त योजनाओं के वादे करते हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार और सम्मानजनक कार्य उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते। मजदूरों का कहना था कि युवाओं को मुफ्त सुविधाएं नहीं, बल्कि रोजगार और उनके अधिकार चाहिए। मजदूरों ने बताया कि पहले दिन का सांकेतिक कार्य बहिष्कार पूरी तरह सफल रहा। आंदोलन की अगली रणनीति यूनियन की बैठक के बाद तय की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

   

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