पठानकोट में पेंशनरों ने सरकारी नीतियों का विरोध किया:PSPCL और TCL से संबंधित पेंशनरों ने लंबित मांगों के समाधान के लिए उठाई आवाज ,

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TCL) से संबंधित पेंशनरों ने पठानकोट में सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष व्यक्त किया। पावरकॉम कॉम्प्लेक्स में आयोजित मासिक बैठक में उन्होंने अपनी लंबित मांगों के समाधान की आवाज उठाई। बैठक की अध्यक्षता सुरजीत सिंह बड़ोई और फौजा सिंह गिल ने की, जिसमें पेंशनर नेता कॉमरेड बिक्रमजीत सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पावरकॉम प्रबंधन की कर्मचारी एवं पेंशनर विरोधी नीतियां बैठक के दौरान पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन की कर्मचारी एवं पेंशनर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, और अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों को लागू करने में भी सरकार कोई रुचि नहीं दिखा रही है। ये हैं पैंशनरों की प्रमुख मांगें पेंशनर नेताओं ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, न्यूनतम वेतन 29 हजार रुपये प्रतिमाह करना, आउटसोर्सिंग और ठेका भर्ती बंद करना, समान काम के लिए समान वेतन लागू करना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना, सातवें वेतन आयोग का गठन करना, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तें जारी करना, बिजली यूनिटों में रियायत देना और कैशलेस मेडिकल बीमा योजना लागू करना शामिल है।

   

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