महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पालघर जिले के विकास को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री

मुंबई, 28 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पालघर में कहा कि बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की वजह से जिले के विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस आज पालघर जिले की प्रगति का जायजा लेने के लिए पालघर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वधावन बंदरगाह, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, प्रस्तावित वधावन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नारिंगी खाड़ी पुल तथा उत्तन-विरार समुद्री सेतु परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चिंचणी समुद्र तट पर प्रस्तावित वधावन बंदरगाह परियोजना का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने आंतरिक सडक़ नेटवर्क, वन स्वीकृति, विद्युत आपूर्ति, रेलवे कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण, जलापूर्ति, कौशल विकास तथा मछुआरों के पुनर्वास एवं मुआवजा संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। लगभग 76,220 करोड़ रुपये की लागत से 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह ग्रीनफील्ड बंदरगाह अगले 60 महीनों में पूरा करने की योजना है। अत्याधुनिक नेक्स्ट जेनरेशन जहाजों को संभालने की क्षमता वाला यह बंदरगाह देश के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में शामिल होगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन बोईसर स्टेशन का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित वधावन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए चिन्हित स्थल का भी निरीक्षण किया। यह हवाई अड्डा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन, उत्तन-विरार सी-लिंक, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे तथा मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट विकसित किया जाएगा।

इससे वधावन और मुरबे बंदरगाहों की माल परिवहन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा तथा मुंबई हवाई अड्डे पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने एमएमआरडीए द्वारा निर्मित किए जा रहे नारिंगी खाड़ी पुल की प्रगति का भी जायजा लिया। लगभग 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 4.10 किलोमीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा यह पुल वसई-विरार को सफाळे, पालघर और बोईसर से सीधे जोड़ेगा। इसके बनने से यात्रा की दूरी लगभग 40 किलोमीटर तथा समय करीब 45 मिनट कम हो जाएगा। उत्तन-विरार समुद्री सेतु परियोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। लगभग 58,754.51 करोड़ रुपये की लागत वाली इस छह लेन परियोजना में दोनों ओर चार लेन के संपर्क मार्ग तथा आपातकालीन लेन का भी प्रावधान किया गया है। इस समुद्री सेतु की सीधी कनेक्टिविटी मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होगी, जिससे दक्षिण मुंबई से अहमदाबाद तक की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी।

इस अवसर पर वन मंत्री एवं पालघर जिले के संरक्षक मंत्री गणेश नाईक, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, कोंकण परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीना, महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के उपाध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक दीपक कपूर, जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल, मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, डहाणू परियोजना अधिकारी विशाल खत्री सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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