एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में सरकार पेश करेगी रोडमैप
चंडीगढ़, 10 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार भविष्य में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के आसपास के 135 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सबसे बड़ा विकास केंद्र बनाएगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को होने वाली बैठक में हरियाणा सरकार की तरफ से रीजनल प्लान-2041 के संबंध में ड्राफ्ट योजना पेश की जाएगी। इस क्षेत्र को ‘सेंट्रल एनसीआर’ का दर्जा देने और इसे ‘गोल्डन रिंग ऑफ अपॉर्च्युनिटी’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
योजना के अनुसार, दिल्ली के बाहर केएमपी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र को सेंट्रल एनसीआर माना जाएगा। यह क्षेत्र भविष्य में एनसीआर की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनेगा। वर्तमान में एनसीआर देश की जीडीपी में लगभग 8 प्रतिशत योगदान देता है और इसे भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास ‘पंचग्राम’ परियोजना के तहत पांच नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना के अंतर्गत करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक नगर, आवासीय टाउनशिप और आधुनिक शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे।
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 2 से 6 किलोमीटर तक के क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिसकी निगरानी के लिए एक विशेष ‘पंचग्राम विकास प्राधिकरण’ गठित किया जाएगा। योजना में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े मानेसर-बावल निवेश क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इससे गुरुग्राम, मानेसर, बावल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। केएमपी कॉरिडोर में अत्याधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट स्टेशन विकसित किए जाएंगे। पंचगांव चौक (मानेसर) में दिल्ली-अलवर आरआरटीएस, गुरुग्राम-मानेसर मेट्रो और झज्जर-पलवल रेल लाइन को जोड़ा जाएगा। खेडक़ी दौला (गुरुग्राम) में आरआरटीएस, मेट्रो और बस सेवाओं का एकीकृत केंद्र विकसित होगा।
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