चंडीगढ़ में कैब चालकों का प्रदर्शन:सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में निकाली प्रशासन की अर्थी, 16 जून को बड़ी हड़ताल की चेतावनी
- DSS Admin
- Jun 08, 2026
चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ के कैब चालकों ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान चालकों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में पहुंचे कैब चालकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो 16 जून को इससे भी बड़ा आंदोलन और हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में शामिल चालकों का कहना था कि लगातार बढ़ रही महंगाई, ईंधन की कीमतों और वाहन रखरखाव के खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। इसके बावजूद कैब किराए की दरों में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन के खिलाफ निकाली अर्थी सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में जुटे कैब चालकों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की। चालकों ने कहा कि कई बार अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 16 जून को बड़े स्तर पर हड़ताल आयोजित कर प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। 35 रुपए प्रति किलोमीटर किराये की मांग प्रदर्शन कर रहे कैब चालकों की प्रमुख मांगों में किराया दरों में संशोधन शामिल है। उनका कहना है कि वर्तमान किराया दरें वर्षों पुरानी हैं और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार पर्याप्त नहीं हैं। चालकों ने मांग की कि कैब का न्यूनतम किराया 35 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में किराया 25 रुपए प्रति किलोमीटर है, जबकि सीएनजी के दाम करीब साढ़े 9 रुपए प्रति किलो बढ़ चुके हैं। ऐसे में वाहन की किस्त, बीमा, मेंटेनेंस, ईंधन और अन्य खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। चालकों का कहना है कि मौजूदा किराया दरों पर काम करने से उनकी आय लगातार घट रही है और परिवार का खर्च चलाना कठिन हो गया है। महंगाई ने तोड़ दी कमर कैब चालक यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप ने कहा कि आज पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा वाहन के स्पेयर पार्ट्स, सर्विसिंग, बीमा और अन्य खर्चों में भी भारी वृद्धि हुई है। वहीं घरेलू जरूरतों का सामान भी पहले की तुलना में काफी महंगा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में वर्तमान किराया दरों पर काम करना घाटे का सौदा बन गया है। कई चालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कुछ को तो वाहन की किस्तें चुकाने में भी परेशानी हो रही है। अमनदीप ने कहा, “हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को हमारी समस्याओं को समझते हुए किराया दरों में बढ़ोतरी करनी चाहिए।” ऐप कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शन के दौरान कैब चालकों ने विभिन्न ऐप आधारित कंपनियों पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि शहर में सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों को व्यावसायिक कैब सेवा के रूप में चलाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। चालकों का आरोप है कि ऐसे वाहनों के कारण वैध कमर्शियल कैब चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक परमिट, टैक्स और अन्य नियमों का पालन करने वाले चालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि निजी वाहन मालिक बिना निर्धारित नियमों का पालन किए कैब सेवा चला रहे हैं।

