सागरः स्टाफ नर्स दीपशिखा हत्याकांड का मुख्य इनामी आरोपी 4 महीने बाद गिरफ्तार

सागर, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स दीपशिखा चढ़ार की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने करीब चार महीने बाद मुख्य आरोपी सुशील चढ़ार को जबलपुर जिले के मुड़िया गांव से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह खौफनाक वारदात 4 फरवरी की रात को हुई थी। दीपशिखा चढ़ार जब अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं, तभी अस्पताल के मुख्य गेट के पास पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी सुशील चढ़ार ने उन्हें रोक लिया। दीपशिखा द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी ने उन्हें बेरहमी से धक्का दिया और अपने पास रखी पिस्टल से ताबड़तोड़ तीन फायर कर दिए। इनमें से दो गोलियां दीपशिखा की पीठ में लगीं, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि आरोपी सुशील चढ़ार मृतका का दूर का रिश्तेदार था। वह दीपशिखा से एकतरफा प्यार करता था और उससे शादी करने की जिद पर अड़ा था। हालांकि, इस रिश्ते के लिए परिवार वाले बिल्कुल भी सहमत नहीं थे। हाल ही में जब दीपशिखा का विवाह किसी दूसरी जगह तय हो गया, तो आरोपी सुशील इस बात से बुरी तरह बौखला गया। इसी प्रतिशोध और सनक में आकर उसने दीपशिखा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और वारदात को अंजाम दे डाला।

पूछताछ के दौरान आरोपी सुशील ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि वह दीपशिखा की शादी किसी और से होते हुए बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। इसी विकृत मानसिकता के चलते उसने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने बेहद शातिर तरीका अपनाया। वह फरारी के दौरान किसी भी मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके। अपनी पहचान छुपाने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। इस दौरान उसने पीथमपुर और अहमदाबाद (गुजरात) जैसी जगहों की विभिन्न फैक्ट्रियों में मजदूरी की और छिपकर वक्त काटा।पुलिस ने आरोपी पर 20000 रुपए का इनाम घोषित किया था।

जब पुलिस की साइबर और तकनीकी जांच विफल साबित होने लगी, तो पुलिस ने अपने पारंपरिक मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी अपनी बीमार मां से मिलने के लिए जबलपुर के मुड़िया गांव आने वाला है। सूचना मिलते ही सागर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मुड़िया गांव में घेराबंदी की और आरोपी सुशील चढ़ार को धर दबोचा।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हत्या में प्रयुक्त हथियार के स्रोत का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। इसके साथ ही, सुशील को यह हथियार उपलब्ध कराने वाले उसके चचेरे भाई सौरभ चढ़ार को भी पुलिस ने सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को सागर लाया गया है, जहां पुलिस उनसे आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ में जुटी है।

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