आर.जी. कर प्रकरण में फोरेंसिक रिपोर्ट भी बदले जाने का आरोप, परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
- DSS Admin
- Jul 02, 2026
कोलकाता, 02 जुलाई (हि.स.)। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच में एक बार फिर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का मुद्दा सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने राज्य फोरेंसिक विभाग के तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य फोरेंसिक विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने पीड़िता के पिता को एक पत्र भेजा है। पत्र में दावा किया गया है कि पीड़िता के विसरा नमूनों को नष्ट कर दिया गया था और इस कार्रवाई में राज्य फोरेंसिक विभाग के तीन अधिकारी शामिल थे। पीड़िता का परिवार अब इसी पत्र को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कानूनी कार्रवाई करना चाहता है।
गौरतलब है कि पीड़िता का परिवार पहले भी सीबीआई की जांच पर सवाल उठा चुका है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई को एक विशेष जांच दल गठित कर नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया था। हालांकि, उस विशेष जांच दल की प्रगति पर भी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने असंतोष व्यक्त किया है।
गत 25 जून को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि 21 मई को विशेष जांच दल के गठन के संबंध में दिए गए निर्देशों का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया गया और जांच निर्धारित दिशा में आगे नहीं बढ़ी।
अब फोरेंसिक विभाग के पूर्व अधिकारी के पत्र के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। माना जा रहा है कि यदि पत्र में किए गए दावों की पुष्टि होती है, तो जांच की दिशा बदल सकती है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

