युगानुकूल विद्यालय निर्माण में नवीन आचार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण : दर्शना शर्मा
- DSS Admin
- Jun 10, 2026
अजमेर, 10 जून(हि.स.)। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अजमेर दर्शना शर्मा ने कहा कि भारतीय जीवन मूल्यों से युक्त शिक्षा ही विद्यार्थियों को सक्षम, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिक बना सकती है। दर्शना शर्मा बुधवार को भगवानगंज स्थित शहीद अविनाश माहेश्वरी उच्च माध्यमिक विद्यालय अजमेर में संचालित विद्या भारती अजमेर के 10 दिवसीय जिला स्तरीय नवीन आचार्य अभ्यास वर्ग के तृतीय दिवस पर वंदना सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रही थी।
दर्शना शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप युगानुकूल विद्यालय विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि वर्तमान समय की शिक्षा व्यवस्था में मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी शिक्षा तथा व्यवसायिक कौशल का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन मूल्यों से युक्त शिक्षा ही विद्यार्थियों को सक्षम, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिक बना सकती है। युगानुकूल विद्यालयों का लक्ष्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा की वर्तमान समय में जब शिक्षा व्यवसायिकरण की भेंट चढ़ रही है। विद्या भारती इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविन्द कुमार ने नवीन आचार्यों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षण को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया तथा आचार्यों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। विद्या भारती अजमेर के प्रशिक्षण प्रमुख राजेन्द्र सिंह दहिया ने जानकारी देते हुए बताया की यह प्रशिक्षण वर्ग 8 जून से 17 जून तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चयनित 86 नवीन आचार्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
विद्या भारती अजमेर के सचिव संजय शर्मा, सह सचिव भूपेन्द्र उबाना एवं कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता उपस्थित रहे।
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