धान खरीद के लिए आठ-नौ दिन शेष, साढ़े 23 हजार किसानों ने नहीं बेचा है धान
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- Jan 17, 2026
धमतरी , 17 जनवरी (हि.स.)। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अब किसानों के पास सिर्फ आठ से नौ दिनों का समय शेष रह गया है। जबकि जिले के 23671 किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाया है, जिन्होंने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। नवंबर माह से अब तक जिले के 95430 किसानों ने अपना धान बेचा है। जबकि जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एक लाख 29333 किसानों का पंजीयन हुआ है। अब शेष दिनों में जिलेभर के 23671 किसानों का धान खरीदी करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के क्षेत्र में धमतरी जिला प्रदेशस्तर पर अग्रणी प्रदर्शन कर रहा है। जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए इस साल एक लाख 29,333 किसानों का पंजीयन हुआ है, जो एक लाख 27,493.88 हेक्टेयर रकबा का पंजीयन कराया है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले में एक लाख 5,662 किसानों से 51 लाख 16,556.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल अनुमानित राशि लगभग 1212.63 करोड़ रुपये है। इनमें से 95,430 किसानों को 1118.90 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। अब समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों के पास सिर्फ आठ से नौ दिन का समय शेष रह गया है, ऐसे में जिलेभर के शेष साढ़े 23 हजार किसानों का धान खरीदना किसी चुनौती से कम नही है। जबकि धान खरीदी के दौरान किसानों के पास कई तरह की समस्याएं सामने आ रही है। जिले में चहूंओर धान खरीदी की शिकायतें हो रही है। जगह-जगह प्रदर्शन व हंगामा भी चल रहा है, ऐसे में शेष किसानों से खरीदी करना चुनौती है।
सिर्फ 19 लाख क्विंटल धान का हुआ उठाव
अब तक कुल उपार्जित धान में से 19 लाख 27,201 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष 31,89,355 क्विंटल धान केन्द्रों में खुले आसमान के नीच है। वहीं जिले में 68,108 किसानों से 3,228.44 हेक्टेयर रकबे का समर्पण भी पूर्ण कराया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार पंजीकृत किसानों में से लगभग 82 प्रतिशत किसान धान विक्रय प्रक्रिया में सम्मिलित हो चुके हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पात्र प्रत्येक किसान का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। किसान किसी भी प्रकार के बहकावे, कोचियों एवं बिचौलियों से सावधान रहें। शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत समितियों में पारदर्शी, सुचारू एवं समयबद्ध धान खरीद सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान उपार्जन, भुगतान एवं उठाव की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा



