ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक की 57वीं  पुण्यतिथि छपरा में मनाई गई

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सारण, 18 जनवरी (हि.स.)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि शहर के गुदरी राय चौक स्थित सेवाकेंद्र पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

इस 'स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित समारोह में श्रद्धालुओं ने बाबा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह को संबोधित करते हुए सारण जिला सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी अनामिका ने कहा कि ब्रह्मा बाबा का संपूर्ण जीवन नारी सशक्तिकरण, आत्मज्ञान और विश्व शांति के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने कहा बाबा का मानना था कि नारी अबला नहीं सबला है। उन्होंने समाज के नैतिक व आध्यात्मिक उत्थान के लिए महिलाओं को अग्रणी भूमिका सौंपी जो उस दौर में एक क्रांतिकारी कदम था।

अनामिका ने शांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में व्यक्ति भौतिक सुखों में शांति खोज रहा है जबकि शांति आत्मा का मूल धर्म है। जब हम स्वयं को आत्मा निश्चय कर परमात्मा शिव से संबंध जोड़ते हैं, तभी जीवन में सच्ची शांति का अनुभव होता है।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मा बाबा की पुण्यतिथि आज भारत सहित विश्व के कई देशों में 'विश्व शांति दिवस' के रूप में मनाई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मा बाबा के जीवन सफर पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मा बाबा की प्रतिमा के अनावरण से हुआ। इसके पश्चात गहन योग साधना और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उपस्थित भाई-बहनों ने बाबा की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने और पवित्रता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संगीत शिक्षिका प्रियंका कुमारी, कंचन बाला, खुशबू ठाकुर, वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी और बीके राजा भाई सहित शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ईश्वरीय प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार