गोरखपुर महोत्सव के पास को लेकर 68 पार्षद धरने पर बैठे, 12 पार्षदों संग अंदर चलती रही बैठक

अंदर 12 पार्षदों संग चलती रही बैठक, बाहर 68 का पास को लेकर धरना; अशोक मिश्रा मान–मनोबल संभालते दिखे*अंदर 12 पार्षदों संग चलती रही बैठक, बाहर 68 का पास को लेकर धरना; अशोक मिश्रा मान–मनोबल संभालते दिखे*अंदर 12 पार्षदों संग चलती रही बैठक, बाहर 68 का पास को लेकर धरना; अशोक मिश्रा मान–मनोबल संभालते दिखे*अंदर 12 पार्षदों संग चलती रही बैठक, बाहर 68 का पास को लेकर धरना; अशोक मिश्रा मान–मनोबल संभालते दिखे*

गोरखपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम सदन की 16वीं बैठक उस समय अभूतपूर्व हालातों में फंस गई, जब गोरखपुर महोत्सव का पास न मिलने से नाराज़ 68 पार्षदों ने सदन हाल से बैठक का बहिष्कार कर बाहर धरना दिया, जबकि अंदर केवल 12 पार्षदों के साथ सदन की कार्यवाही चलती रही। एक ही छत के नीचे नगर निगम दो हिस्सों में बंटा नजर आया।

बैठक शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश पार्षद एकजुट हो गए और स्पष्ट कहा कि जब तक सभी पार्षदों को गोरखपुर महोत्सव का पास नहीं मिलेगा, तब तक वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे। पार्षदों ने इसे अपने मान-सम्मान और मनोबल से जुड़ा विषय बताया। पार्षदों का आरोप था कि गोरखपुर महोत्सव की संपूर्ण व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जा रही है, लेकिन नगर निगम के ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पास से वंचित रखा गया। नाराज़ पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों को ही प्रवेश नहीं मिलेगा तो ऐसा महोत्सव किसके लिए आयोजित किया जा रहा है।

धरने के बीच पार्षद अशोक मिश्रा लगातार पार्षदों से संवाद करते नजर आए। वे सत्ता और विपक्ष—दोनों खेमों के पार्षदों का मान–मनोबल बनाए रखने और किसी तरह बैठक को सुचारू रूप से संचालित कराने के प्रयास में जुटे रहे। उन्होंने बाहर बैठे पार्षदों से भी अपील की कि समाधान निकलते ही सभी पार्षद सदन की कार्यवाही में शामिल हों। नाराज़ पार्षदों ने मांग की कि मंडलायुक्त स्वयं आकर सभी पार्षदों को गोरखपुर महोत्सव का पास उपलब्ध कराएं।

वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने सफाई देते हुए बताया कि पास पहले आए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण वापस कर दिए गए और शीघ्र ही सभी पार्षदों के लिए नए पास भेजे जाएंगे।

सदन के अंदर मौजूद पार्षद रणनजय सिंह ‘जुगनू’ ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा जरूरी थी, इसलिए 12 पार्षद अंदर बैठे हैं। उन्होंने सदन अध्यक्ष और नगर आयुक्त से आग्रह किया कि बाहर बैठे पार्षदों को भी अंदर लाया जाए या तत्काल पास उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सदन की कार्यवाही पूरी तरह सुचारू हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय