एसीबी ने तीन अलग-अलग रिश्वतखोरी मामलों में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, पटवारी और एएसआई समेत चार लोगों को किया गिरफ्तार
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- Jan 20, 2026
श्रीनगर, 20 जनवरी (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को रिश्वत मांगने और लेने के तीन अलग-अलग मामलों में दो पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों, एक पटवारी और एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सहित चार अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ये गिरफ्तारियां नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद की गईं जिन्होंने अवैध रिश्वत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एसीबी ने गुप्त जांच की और स्टिंग ऑपरेशन के दौरान आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।
एक बयान के अनुसार जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने आज रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया। एक मामला एसीबी थाने उधमपुर में दर्ज किया गया जबकि दो मामले एसीबी थाने राजौरी में दर्ज किए गए। बयान में कहा गया है कि एसीबी को शिकायत मिली है कि पीडब्ल्यूडी आर एंड बी उधमपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात जूनियर असिस्टेंट अनिल जमवाल और पीडब्ल्यूडी आर एंड बी उधमपुर के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जीत कुमार ने ठेकेदार कार्ड जारी करने के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की। चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने एसीबी से संपर्क कर आरोपी लोक सेवकों के खिलाफ कानून के तहत कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
बयान में लिखा है कि शिकायत प्राप्त होने पर गोपनीय सत्यापन किया गया, जिससे संबंधित लोक सेवक द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तदनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और बीएनएस, 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला एफआईआर संख्या 02/2026 उधमपुर पुलिस स्टेशन एसीबी में दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। बयान में आगे लिखा है, “जांच के दौरान, डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने सफलतापूर्वक जाल बिछाया और आरोपी लोक सेवकों को स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 12,000 रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।” बयान में यह भी लिखा है कि ट्रैप टीम से जुड़े स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
इसके अलावा मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में राम नगर और लद्दन पावर हाउस उधमपुर में भी तलाशी ली गई।
एक अन्य मामले में एसीबी को एक शिकायत मिली जिसमें आरोप लगाया गया था कि एएसआई ज़मूरत मनहास ने अब्दुल कयूम की शिकायत पर शिकायतकर्ता को मेंढर पुलिस स्टेशन बुलाया था क्योंकि अब्दुल कयूम ने उसका पैसा वापस नहीं किया था। शिकायतकर्ता ने पैसा लौटाने के लिए कुछ समय मांगा और अब्दुल कयूम मान गया। इसके बाद एएसआई ज़मूरत मनहास ने अब्दुल कयूम के साथ मामला सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग शुरू कर दी। उसने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी कि अगर उसने रिश्वत नहीं दी तो वह उस पर पीएसए के तहत मामला दर्ज करेगा। चूंकि शिकायतकर्ता गरीब व्यक्ति है और उपरोक्त नामजद आरोपियों को अवैध रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने एसीबी राजौरी पुलिस स्टेशन में जाकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई।
बयान में कहा गया है कि तदनुसार एसीबी राजौरी पुलिस स्टेशन में केस एफआईआर संख्या 01/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। “जांच के दौरान एक टीम गठित की गई। टीम ने एएसआई ज़मुरत मनहास को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में मेंढर, सुरनकोट और जम्मू स्थित उसके आवासीय परिसरों की तलाशी भी ली गई।”
बयान में आगे कहा गया है कि एक अन्य मामले में एसीबी ने एक लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता ने पटवारी मोहम्मद रजाक से संपर्क किया था जो पटवार हलका सोकर/प्रोरी, कोटेरंका में तैनात थे, ताकि उनकी तीन बेटियों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज कराया जा सके। हालांकि संबंधित पटवारी ने शिकायतकर्ता से उनकी बेटियों का नाम खसरा गिरदवारी में दर्ज कराने के लिए रिश्वत की मांग की। “चूंकि शिकायतकर्ता गरीब व्यक्ति है और उपरोक्त नाम के पटवारी को अवैध रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने एसीबी राजौरी पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई। तदनुसार एसीबी राजौरी पुलिस स्टेशन में मामला एफआईआर संख्या 02/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।” बताया गया है कि मामला दर्ज होने के बाद एसीबी राजौरी पुलिस स्टेशन की एक टीम ने मोहम्मद रजाक, पटवारी को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में आरोपी के आवास परिसर की तलाशी ली गई। तीनों मामलों में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह



