एएनटीएफ ने ड्रग्स फैक्ट्री चलाने वाला मोस्ट वांटेड को किया गिरफ्तार
- Admin Admin
- Jan 16, 2026
जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते मोस्ट वांटेड को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपित रमेश एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री बनाई और देश-भर में नशे की सप्लाई करना शुरु कर दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित रमेश बाड़मेर निवासी 12वीं फेल है और इसके खिलाफ 31 मामले दर्ज है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित जेल में सजा काटने के दौरान एक डॉक्टर डॉ. बिरजू के संपर्क में आया था और नशीली दवाईयों से एमडी ड्रग्स बनाने शुरु कर दिया। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपित रमेश फरार हो गया और चार धाम की यात्रा करने के लिए 12 ज्योतिर्लिंग निकल गया। लेकिन राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स उसे तीर्थं यात्रा में जाने से पहले ही दबोच लिया।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित रमेश इतना शातिर है कि वो किसी से संपर्क नहीं रखता ना ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है। इसके बाद भी आरोपित ने एमडी ड्रग्स बनाने ओर उसे सप्लाई करने के लिए बिना मोबाइल के ही बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा है। गिरफ्तार आरोपित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना में ड्रग बनाने और सप्लाई करने का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। शातिर ड्रग्स तस्कर रमेश अलग-अलग राज्यों में गिरफ्तार हो चुका है। तकनीकी संसाधन और मुखबिर की सूचना पर राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जयपुर के बरकत नगर में छापेमारी की कार्रवाई की थी। लेकिन आरोपित को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी और वो मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। आरोपित कोलकाता में रहकर एमडी ड्रग्स फैक्ट्री लगाने की फिराक में था। जिसके सप्लायर पुणे से जुड़े हुए थे। और वह अक्सर हवाई यात्रा करता था इसी इनपुट के आधार पर एएनटीएफ ने कोलकाता, जयपुर और पुणे एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त कास्टिक सोडा और इथाइल अल्कोहल जैसी चीजों से पांच से सात दिन में एमडी ड्रग्स तैयार करता था और एक लाख रुपये की लागत से बनी ड्रग्स को बाजार में 30 लाख रुपये के दाम में बेच देता था। अपने काम -धंधे की पहचान को छुपाने के लिए 12वीं फेल केमिस्ट्री के छात्रों को ट्यूशन पढ़ाता था और वह अनिल, रमेश और रामलाल जैसे अलग-अलग नामों से काम करता था। असम और मणिपुर में भी उसकी गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में गहनता से पूछताछ करने में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



