सावधान! अनजान ऐप डाउनलोड करने से बढ़ रहा साइबर फ्रॉड का खतरा
- Admin Admin
- Jan 07, 2026
धमतरी, 07 जनवरी (हि.स.)। मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। खासकर अनजान स्रोतों से डाउनलोड की जाने वाली एपीके फाइलें आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी फाइलों के माध्यम से मोबाइल फोन में वायरस प्रवेश कर जाता है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, वीडियो और कॉन्टैक्ट्स भी चोरी हो सकते हैं।
मंगलवार शाम धमतरी में कई व्हाट्सएप ग्रुप और व्यक्तिगत नंबरों पर आरटीओ ई-चालान के नाम से एपीके फाइल भेजी गई। यह फाइल स्थानीय एक व्यक्ति के मोबाइल से अन्य लोगों को भेजी जा रही थी। जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित व्यक्ति के पास कई वाहन हैं, इस कारण उन्होंने यह सोचकर एपीके फाइल खोल ली कि संभवतः कोई ई-चालान हुआ होगा। जैसे ही उन्होंने फाइल खोली, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद व्हाट्सएप अनइंस्टॉल करने और मोबाइल बंद करने के बावजूद उनके फोन से स्वतः ही सभी कॉन्टैक्ट्स और व्हाट्सएप ग्रुप में वही एपीके फाइल भेजी जाने लगी, जिससे लोग परेशान हो गए। आज बुधवार को भी एक कांग्रेस नेता के मोबाइल से इसी तरह आरटीओ ई-चालान नाम की एपीके फाइल कई लोगों को भेजी गई। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या अन्य लिंक के माध्यम से भेजी गई एपीके फाइलों को बिना जांचे इंस्टॉल कर लेते हैं, जो साइबर ठगी का बड़ा कारण बन रहा है। इससे मोबाइल फोन हैंग होने लगता है और कई मामलों में बैंक खाते या यूपीआई से पैसे निकलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। साइबर विभाग ने अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप या लिंक से दूरी बनाए रखें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
एपीके फाइल से होने वाले संभावित नुकसान
अनजान एपीके फाइल इंस्टॉल करने से बैंक खाते और यूपीआई से रकम उड़ने का खतरा रहता है, मोबाइल की स्पीड कम हो जाती है और फोन बार-बार हैंग होने लगता है। इसके अलावा निजी फोटो, वीडियो और कॉन्टैक्ट चोरी हो सकते हैं तथा मोबाइल पर अपने आप विज्ञापन या अनचाहे ऐप इंस्टॉल होने लगते हैं।
ऐसे करें बचाव साइबर विभाग ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। अनजान लिंक या मैसेज से आई एपीके फाइल को कभी न खोलें। मोबाइल में अननोन सोर्स की सेटिंग बंद रखें और ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी अनुमतियों को ध्यान से जांचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत संबंधित ऐप हटाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा



