चुनाव से पहले तृणमूल सरकार की रिपोर्ट कार्ड के साथ प्रचार में उतरेंगे अभिषेक बनर्जी

कोलकाता, 01 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार से राज्यभर में प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस दौरान वह वर्ष 2011 से अब तक ममता बनर्जी सरकार के 14 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेंगे।

तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच पर अभिषेक बनर्जी द्वारा दिया गया नारा साझा किया, जिसमें कहा गया है कि चाहे जितने भी हमले किए जाएं, बंगाल एक बार फिर जीत हासिल करेगा। पार्टी के संदेश में दावा किया गया कि बंगाल की जनता के अधिकार और सम्मान की रक्षा की हर लड़ाई में अभिषेक बनर्जी ने आगे रहकर नेतृत्व किया है और किसी भी अन्याय, साजिश या दबाव ने राज्य की रीढ़ को नहीं झुकाया।

तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में अभिषेक बनर्जी को दूसरे नंबर का नेता माना जाता है। पार्टी के अनुसार, शुक्रवार से वह सड़कों पर उतरकर लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे और लोकतांत्रिक भागीदारी को कमजोर करने तथा वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिशों का विरोध करेंगे।

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि यदि अंतिम मतदाता सूची में विसंगतियां पाई जाती हैं, तो उनकी पार्टी उसे स्वीकार नहीं करेगी और कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

डायमंड हार्बर से तीन बार के सांसद अभिषेक बनर्जी ने 27 दिसंबर को यह भी कहा था कि वह दो जनवरी से सड़कों पर उतरेंगे और स्वास्थ्य, औद्योगिकीकरण, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में ममता बनर्जी सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में किए गए कार्यों को जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी इन उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड लोगों तक पहुंचाएगी।

अभिषेक बनर्जी ने बताया कि अगले एक महीने तक वह राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोड शो, जनसभाएं और सामुदायिक संवाद कार्यक्रम करेंगे। इस अभियान की शुरुआत दो जनवरी को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर से होगी।

उल्लेखनीय है कि 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव इस वर्ष अप्रैल में होने की संभावना है और इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर