मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेंगी : अभिषेक बनर्जी

कोलकाता, 02 जनवरी (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जल्द ही नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री एसआईआर प्रक्रिया पर पार्टी की आपत्तियां सीधे तौर पर चुनाव आयोग के सामने रखेंगी।

दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर में आयोजित एक बड़े राजनीतिक जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने इसी सप्ताह मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी और कहा कि वह जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, जबकि चुनाव आयुक्त नामित पद पर हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं दिल्ली जाकर यह मुद्दा उठाएंगी।

सभा के मंच से अभिषेक बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना के तीन लोगों मणिरुल मोल्ला, हरे कृष्ण गिरी और माया दास को लोगों के सामने पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 दिसंबर 2025 को जारी मसौदा मतदाता सूची में इन तीनों को मृत मतदाता दिखाया गया है, जबकि वे जीवित हैं। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया।

नए साल में यह अभिषेक बनर्जी की पहली राजनीतिक जनसभा थी, जिसे 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, वह आने वाले दिनों में चुनाव तक इसी तरह की और भी जनसभाएं करेंगे।

जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 2021 की तुलना में कम से कम एक सीट ज्यादा जीतेगी। उन्होंने कहा कि वह अतिरिक्त सीट दक्षिण 24 परगना से होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2021 में जिले की 31 विधानसभा सीटों में से 30 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी और केवल भांगड़ सीट पर हार मिली थी। उन्होंने कहा कि इस बार भांगड़ सीट किसी भी हाल में जीतनी होगी।

फिलहाल भांगर विधानसभा सीट से ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी हैं, जो विधानसभा में उस पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि हैं।

अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के निजी जीवन और पसंद में दखल देना चाहती है, जिसमें खानपान और पहनावे तक शामिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाली संस्कृति को बांग्लादेशी संस्कृति बताने की कोशिश करती है, लेकिन जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, तब तक ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि 2026 के चुनाव नतीजे भी अलग नहीं होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर