किसान को पीटने वाले ऑफिसर पर हो कार्रवाई, कांग्रेस की मांग

मुंबई, 14 जनवरी (हि.स.)। वाशिम जिले के गोगरी इलाके में मनरेगा स्कीम के तहत संतरे के बाग की सब्सिडी में देरी के बारे में पूछने पर एग्रीकल्चर ऑफिसर सचिन कांबले ने किसान को जूते से पिटाई की। कांग्रेस के विधायक नाना पटोले ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित ऑफिसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए नाना पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस की सरकार किसान विरोधी है। राज्य के कृषि मंत्री किसानों को भिखारी कहते हैं, एक विधायक किसानों और उनके परिवारों को कपड़े और चप्पल देकर बेइज्जत करते हैं। नेता तो घमंडी हैं ही, अब तो अधिकारी भी घमंडी होने लगे हैं। मैंगलोर तहसील के कृषि अधिकारी सचिन कांबले जब गोगरी शिवरात में इंस्पेक्शन के लिए गए थे, तो किसान भाई पवार ने अपनी पेंडिंग सब्सिडी के बारे में पूछा। इस पर घमंडी कृषि अधिकारी सीधे किसान की तरफ दौड़ा, उसे जूते से पीटा और खेत से मिट्टी के ढेले उठाकर उस पर फेंके। अधिकारी ने किसान को धमकी दी कि “मैं तुम्हें किसी जुर्म में फंसा दूंगा”। यह घटना पूरे किसान समुदाय की इज्ज़त पर हमला है।

पटोले ने कहा कि किसानों के पास जीने के अलावा कोई चारा नहीं है। एक तरफ कुदरती आफ़त है, दूसरी तरफ सुल्तान संकट है। ऊपर से प्रशासन में कुछ ताकतवर अधिकारियों की बदतमीज़ी ने किसानों को लाचार कर दिया है। अगर भारत जैसे खेती-बाड़ी वाले देश में किसानों के साथ ऐसा बेइज्ज़ती वाला बर्ताव हो रहा है, तो किसान न्याय के लिए कहां जाएं? हम इस किसान को इंसाफ़ दिलाने की कोशिश करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार