लगातार बारिश के बीच सकीना इत्तू ने दक्षिण कश्मीर के जिलों में तैयारियों का लिया जायजा

जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण तथा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग जिलों का दौरा कर लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक जिले में उपायुक्तों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर राहत, बचाव और पुनर्वास व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री ने बाढ़ से बचाव, आपदा प्रबंधन तंत्र, बिजली एवं पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क संपर्क, राहत शिविरों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
कुलगाम में सकीना इत्तू ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए वेशो, वेथयात्रू और अन्य संवेदनशील जलधाराओं के किनारे कमजोर स्थानों की पहचान कर बाढ़ सुरक्षा उपाय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक बाढ़ शमन योजनाओं पर भी जोर दिया। शोपियां में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, बिजली और पेयजल आपूर्ति, दवाओं के भंडार तथा अन्य आपातकालीन तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा लोगों से मौसम संबंधी सरकारी एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। पुलवामा में मंत्री ने बचाव दलों की तैनाती, राहत उपकरणों, तटबंधों की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था, राहत केंद्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और संचार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों तथा घुमंतू समुदायों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
अनंतनाग में सकीना इत्तू ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी, मौसम संबंधी चेतावनियों का समय पर प्रसार और आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी किनारे रहने वाले घुमंतू परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, अवूरा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन करने और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए।