अमित शाह मंगलवार को करेंगे एनडीडीबी के राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का उद्घाटन
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- Jan 05, 2026
नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 6 जनवरी को यहां एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सीएसआर कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। इस कॉन्क्लेव का विषय “पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण निवारण में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका” होगा।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनैश शाह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कॉन्क्लेव के दौरान अमित शाह एसएआईएल–भिलाई स्टील प्लांट, छत्तीसगढ़ की सीएसआर पहल के अंतर्गत गिफ्टमिल्क कार्यक्रम के तीसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत भिलाई स्टील प्लांट के खनन क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग चार हजार बच्चों को विटामिन ए और डी से युक्त फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दूध एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
इसके अलावा, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री आईडीबीआई बैंक की सीएसआर पहल के अंतर्गत शिशु संजीवनी कार्यक्रम का भी शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र के नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले लगभग तीन हजार बच्चों को पोषण सहायता दी जाएगी। शिशु संजीवनी एनडीडीबी द्वारा विकसित एक ऊर्जा-समृद्ध, रेडी-टू-ईट फोर्टिफाइड पोषण पूरक है, जिसका निर्माण महाराष्ट्र के भंडारा जिले स्थित भंडारा दुग्ध संघ द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय सीएसआर कॉन्क्लेव में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों/पीएसयू के अध्यक्ष और सीईओ, डेयरी सहकारी संस्थानों के प्रतिनिधि, प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक तथा लाभार्थी संस्थानों—स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों—के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्र होंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण से निपटने के लिए सहयोगात्मक, नवाचारी और सतत रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है।
उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे— ‘पोषण एवं स्वास्थ्य: सार्वजनिक हस्तक्षेपों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन’ और ‘पोषण सुरक्षा के लिए कॉरपोरेट–सहकारी सहयोग’। देशभर से लगभग 1,200 प्रतिभागियों के इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार



