हुगली में एनसीडब्ल्यू सदस्य पर हमले काे लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाया आराेप

कोलकाता, 13 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की एक सदस्य पर कथित हमले की कोशिश को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने इस घटना को “भीड़तंत्र” करार देते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों ने एनसीडब्ल्यू सदस्य डॉ. अर्चना मजूमदार को शारीरिक रूप से डराने-धमकाने की कोशिश की। डॉ. मजूमदार हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में नाबालिग लड़की से कथित यौन उत्पीड़न के मामले सहित राज्य में बलात्कार और बलात्कार-हत्या के मामलों की जांच का नेतृत्व कर रही थीं।

मालवीय ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कानूनहीनता की स्थिति सभी सीमाएं पार कर चुकी है और जांच एजेंसियों को डराने की घटनाएं आकस्मिक नहीं हैं। उन्होंने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी अपने साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किया।

सोशल मीडिया पोस्ट में मालवीय ने कहा, “यह महज डराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए चेतावनी थी जो उन अपराधों की जांच करने का साहस करते हैं, जिन्हें ममता बनर्जी सरकार दबाना चाहती है। एक संवैधानिक संस्था की सदस्य को इस तरह निशाना बनाना यह दिखाता है कि तृणमूल कांग्रेस कितनी हताश और भयभीत है।”

उन्होंने आगे सवाल उठाया, “कब तक बंगाल को इस घृणित और निंदनीय पार्टी को सहना पड़ेगा? कब तक अपराधियों को संरक्षण मिलता रहेगा और जांचकर्ताओं को धमकाया जाता रहेगा? यह शासन नहीं, यह भीड़तंत्र है।”

इसी क्रम में अमित मालवीय ने मुर्शिदाबाद जिले में एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की आत्महत्या के मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बुलेट खान की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, बुलेट खान ने मृतक बीएलओ हामिदुल इस्लाम से लिए गए 20 लाख रुपये का कर्ज लौटाने से इनकार कर दिया था, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में चला गया।

शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस के मुर्शिदाबाद नेतृत्व ने इस मौत को एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा दबाव बताया था और कोलकाता में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया गया था। हालांकि, जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने तृणमूल कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया।

इस पर टिप्पणी करते हुए मालवीय ने कहा कि यह गिरफ्तारी एक बार फिर साबित करती है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है।

उन्होंने कहा कि यह वही तरीका है जिससे तृणमूल कांग्रेस सच्चाई को विकृत कर अपने एजेंडे के अनुसार तथ्य गढ़ती है। -----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर