विकसित केरल के बिना विकसित भारत संभव नहीं: अमित शाह

नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना विकसित केरल से होकर गुजरती है। नया भारत तभी आकार ले सकता है, जब केरल अपने पूर्ण सामर्थ्य के साथ आगे बढ़े।

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित केरल कौमुदी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया, न्यू केरल’ की अवधारणा को विकसित भारत के विजन में समाहित किया है। विकसित भारत का अर्थ है कि देश का हर राज्य अपनी सर्वोत्तम क्षमता तक विकास करे। इसी दृष्टि से विकसित केरल भी विकसित भारत का अभिन्न हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा केरल बनाना है जो विकसित हो, सुरक्षित हो और जहां हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान किया जाए।

अमित शाह ने कहा कि आधारभूत संरचना, शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक विकास और व्यक्ति की आय में वृद्धि यही ‘विकसित केरल’ की परिकल्पना है। विकसित केरल में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए और धर्म या समुदाय से परे हर प्रकार की आस्था और विश्वास की रक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार आकांक्षी भारत की बात करती है। एक ऐसा भारत, जिसमें भविष्य को लेकर विश्वास, प्रगति की भावना और आत्मनिर्भरता हो। इसी से न्यू इंडिया का निर्माण होता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर राज्य का समग्र विकास आवश्यक है। सरकार ऐसी राजनीति में विश्वास करती है, जहां राजनीति से अधिक प्रदर्शन को महत्व दिया जाए।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में प्रदर्शन आधारित राजनीति की शुरुआत की है, जहां शिकायतों के बजाय संकल्प पर विश्वास किया जाता है। शिकायतें हमेशा रहेंगी, लेकिन उन्हें दूर करने की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर देती है।

अमित शाह ने कहा कि केरल में अपार संभावनाएं हैं। यहां की संस्कृति, साहित्य और शिक्षा के प्रति लगाव ने इसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। आयुर्वेद से लेकर आईटी, खेल से लेकर स्टार्टअप और बैकवाटर्स से लेकर बौद्धिक विमर्श तक, केरल ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। हालांकि, सत्ता में आने-जाने वाली दो गठबंधनों की राजनीति ने राज्य में ठहराव की स्थिति पैदा की है।

उन्होंने कहा कि हालिया स्थानीय निकाय चुनावों ने केरल की राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। गृह मंत्री ने केरल की जनता से नई सोच, नए नेतृत्व और नई राजनीति को अपनाने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही विकसित केरल की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अक्षय ऊर्जा से लेकर ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण तक समग्र विकास की परिकल्पना की है। साल 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो 11 वर्षों में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और दिसंबर 2027 से पहले तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में न केवल आर्थिक विकास हुआ है, बल्कि आधारभूत संरचना में लगभग 610 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज विश्व के 50 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। सरकार ने 60 करोड़ गरीबों को आवास, गैस कनेक्शन, पेयजल, बिजली, मुफ्त राशन और 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया है। इस दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष और स्टार्टअप के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। अनुसंधान एवं विकास के कई क्षेत्रों में भारत शीर्ष देशों में शामिल है और पेटेंट पंजीकरण में भी अग्रणी बनकर उभरा है। यह संकेत है कि भविष्य भारत का है।

अमित शाह ने कहा कि केवल प्रेषण आधारित अर्थव्यवस्था के सहारे केरल का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने पर्यटन, शिक्षा, समुद्री व्यापार, आयुर्वेद, मसाले, आईटी, डाटा स्टोरेज और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास मॉडल चाहिए, जिसमें हर नागरिक स्वयं को उसमें प्रतिबिंबित होता देख सके।

गृह मंत्री ने कहा कि सतही तौर पर कानून-व्यवस्था ठीक लग सकती है, लेकिन अदृश्य खतरों की पहचान और उनका निराकरण आवश्यक है। पीएफआई पर प्रतिबंध के समय राज्य की दोनों सत्तारूढ़ गठबंधनों ने इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएफआई और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एकजुट रख सकते हैं।

अमित शाह ने सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि न्याय केवल हो ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखे भी।

उन्होंने कहा कि केरल में सत्ता में रही दोनों गठबंधनों ने एक-दूसरे के कार्यकाल के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की। सहकारी घोटाला, एआई कैमरा घोटाला, पीपीपी घोटाला और अन्य मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि केरल की जनता भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहती है, तो एक बार उनकी सरकार को अवसर देना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने केरल को 72,000 करोड़ रुपए दिए, जबकि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार ने 3.13 लाख करोड़ रुपए विकास के लिए प्रदान किए। इसके अतिरिक्त बुनियादी ढांचे, सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और शहरी विकास के लिए अलग से हजारों करोड़ रुपए दिए गए।

अमित शाह ने कहा कि केरल कौमुदी ने क्षेत्रीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय स्वर के रूप में अपनी पहचान बनाई है और यह केरल की जनता की आत्मा की आवाज बन चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर