6576 एमएसएमई इकाइयों के पुनरुद्धार की बनेगी कार्ययोजना
- Rahul Sharma
- Sep 17, 2026
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में संकटग्रस्त सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासन ने अब आकलन के बाद ठोस कार्रवाई पर जोर दिया है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एमएसएमई हेल्थ क्लिनिक की समीक्षा करते हुए 6576 पुनरुद्धार योग्य इकाइयों की डायग्नोस्टिक प्रोफाइलिंग पूरी कर उनके लिए कार्रवाई योग्य पुनरुद्धार योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड विजिट में तेजी लाने, लघु व्यवसाय विकास इकाइयों (एसबीडीयू) को मजबूत करने और तैयार योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि हेल्थ क्लिनिक के तहत 3,42,261 पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां निगरानी में हैं, जिनमें से 2,94,014 इकाइयों का डायग्नोस्टिक आकलन पूरा हो चुका है। आकलन में 2,87,332 इकाइयां यानी 97.7 प्रतिशत स्थिर पाई गईं। वहीं 6,682 इकाइयों में सक्रिय हस्तक्षेप की जरूरत सामने आई है, जिनमें 6,576 पुनरुद्धार योग्य और 106 इकाइयां गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका वाली श्रेणी में हैं। इसके अलावा 48,247 इकाइयों का डाटा सुधार के लिए जेएंडके बैंक को वापस भेजा गया है। फील्ड स्तर पर अब तक 581 फैक्टरी विजिट की जा चुकी हैं और इनके आधार पर 317 विस्तृत डायग्नोस्टिक रिपोर्ट तैयार हुई हैं। इनमें से 34 गंभीर पुनर्वास मामलों को जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीएलएसी) से मंजूरी मिल चुकी है। बैठक में 700 पुनर्गठित ऋणों के विवरण का भी विश्लेषण किए जाने की जानकारी दी गई, ताकि जरूरत के अनुसार आगे वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में एसबीडीयू की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आकलन, मार्गदर्शन तथा फॉलोअप के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया। विभाग की ओर से डिजिटल निगरानी के लिए एंड-टू-एंड एक्शन ट्रैकिंग पोर्टल और एआई आधारित चैटबॉट भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हेल्थ क्लिनिक को केवल आकलन तक सीमित न रखते हुए एमएसएमई की समय रहते पहचान, पुनर्वास और लगातार निगरानी का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।

