आर जी कर आंदोलन के प्रमुख चेहरे अनिकेत महतो ने जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

कोलकाता, 01 जनवरी (हि. स.)। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में युवा महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद शुरू हुए आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे डॉक्टर अनिकेत महतो ने पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के ट्रस्ट और उसके अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। संगठन के भीतर कार्यप्रणाली और संचालन को लेकर असंतोष जताते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है।

आर. जी. कर की घटना के बाद न्याय की मांग और मेडिकल कॉलेजों में कथित धमकी की संस्कृति के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जूनियर डॉक्टरों का एक वर्ग एक मंच पर आया था। इसी पहल से पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट का गठन हुआ था। संगठन को खड़ा करने में अनिकेत महतो की अहम भूमिका मानी जाती है और वह इसके ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।

सूत्रों के मुताबिक, अनिकेत संगठन के माहौल, संचालन और काम करने के तरीके से सहमत नहीं थे। उनका मानना था कि पहले से मौजूद कानूनी ट्रस्ट और नई कार्यकारी समिति के बीच एक औपचारिक संबंध बनाया जाएगा। ऐसा न होना और अलग तरीके से समिति बनाए जाने को उन्होंने आपत्तिजनक और नियमों के खिलाफ बताया। इसी कारण उन्होंने अध्यक्ष पद से हटने का निर्णय लिया।

आंदोलन के भविष्य को लेकर अनिकेत महतो ने साफ किया कि वह न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वह केवल अभया को न्याय दिलाने के लिए इस आंदोलन में आए थे और इस उद्देश्य को छोड़कर वह कहीं नहीं जा सकते। अपने सहकर्मी के साथ हुई घटना से मिली पीड़ा को वह आज भी महसूस करते हैं और अपने स्तर पर इस संघर्ष को जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि आरजी कर अस्पताल की घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों ने कार्यबहिष्कार शुरू किया था। यह आंदोलन धीरे-धीरे मेडिकल कॉलेज परिसरों से निकलकर पूरे राज्य में फैल गया। न्याय की मांग को केंद्र में रखकर आंदोलन ने जोर पकड़ा और अनिकेत महतो इसका एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने न्याय की मांग को लेकर अनशन भी शुरू किया था, जिसके दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद वह आंदोलन से अलग नहीं हुए।

हाल के दिनों में अनिकेत की पोस्टिंग को लेकर भी विवाद सामने आया था। उन्हें आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से रायगंज मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया था, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मानक प्रक्रिया का पालन किए बिना उनका तबादला किया गया है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बावजूद, अनिकेत महतो ने दोहराया है कि आर.जी. कर मामले में न्याय की लड़ाई वह किसी भी हाल में जारी रखेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर