अनिल द्विवेदी ने उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर का पदभार संभाला
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- Jan 01, 2026
प्रयागराज, 01 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा (IRSME) के 1992 बैच के प्रतिष्ठित अधिकारी अनिल कुमार द्विवेदी ने आज, 01 जनवरी को उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (PCME) के रूप में आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने निवर्तमान अधिकारी सुनील कुमार भारती की सेवानिवृत्ति के बाद यह पदभार ग्रहण किया है।
श्री द्विवेदी ने कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT), सुल्तानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने डीजल लोको शेड (गोंडा), लोको ऑपरेशन (लखनऊ), और गोरखपुर वर्कशॉप में तकनीकी भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के सचिव के रूप में उनका कार्यकाल उच्च स्तरीय प्रशासनिक दक्षता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि द्विवेदी ने परिचालन दक्षता और वित्तीय जिम्मेदारी के लिए कई उच्च-स्तरीय पुरस्कार प्राप्त किये हैं। लखनऊ में DME/O&F के पद पर रहते हुए, उन्होंने पदों के अभ्यर्पण के माध्यम से 36 लाख रुपये और 119 इंजन क्लीनर के रणनीतिक पुनर्नियोजन के माध्यम से 88 लाख रुपये की बचत की। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) गोंडा के रूप में, उन्होंने ल्यूब ऑयल की खपत में 73 लाख रुपये की बचत की और लोकोमोटिव आउटेज को लक्ष्य से 7.2 प्रतिशत अधिक बनाए रखा। गोंडा डीजल शेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें रेल मंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) प्रयागराज के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान द्विवेदी ने अर्ध-कुंभ 2019 के सफल संचालन में नोडल अधिकारी के रूप में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें कुशल प्रबंधन और रेलवे योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र भी मिला है। साथ ही इस मेगा इवेंट की त्रुटिहीन और सूक्ष्म योजना के लिए तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा डीओ पत्र भी प्रदान किया गया।
PCME का पदभार संभालने से पहले, द्विवेदी भारतीय रेलवे यांत्रिक और विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान में डीन के रूप में कार्यरत थे। इस महत्वपूर्ण भूमिका में, उन्होंने युवा रेलवे परिवीक्षकों को तकनीकी ज्ञान और प्रबंधकीय प्रशिक्षण प्रदान कर भारतीय रेलवे के भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे के रोलिंग स्टॉक के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और सफल रखरखाव एवं संचालन के लक्ष्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र



