एक कीर्ति चक्र व नौ शौर्य चक्र विजेताओं की वार्षिकी सैन्य सम्मान धनराशि स्वीकृत, सात लाख 15 हजार का हुआ आवंटन
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
कानपुर, 02 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद एक बार फिर सैन्य सम्मान के स्तर पर देश के चुनिंदा जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता दिखा है। जिले के एक कीर्ति चक्र विजेता और नौ शौर्य चक्र विजेताओं को राज्य सरकार की तरफ से अनुमन्य वार्षिकी धनराशि प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई है। यह जानकारी शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आदेश जारी करते हुए दी।
जिलाधिकारी जीतेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन आदेश के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी शासनादेश के क्रम में यह कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि शासन की एलॉटमेंट ग्रिड रिपोर्ट के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद कानपुर नगर के लिए कुल 7 लाख 15 हजार रुपये का आवंटन स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि नियमानुसार आहरित कर संबंधित लाभार्थियों को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया में है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सूची के अनुसार कीर्ति चक्र विजेता शहीद मेजर अविनाश सिंह भदौरिया के परिजन को वार्षिकी के रूप में एक लाख 30 हजार रुपये प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई है। वहीं शौर्य चक्र से सम्मानित मेजर सुनील यादव, शहीद मेजर सलमान अहमद खान के परिजन, कर्नल बाबूराम कुशवाहा, कारपोरल अमर कुमार वाजपेयी, लेफ्टिनेंट अभिनव त्रिपाठी, कैप्टन आदित्य प्रकाश सिंह, जय प्रकाश शर्मा, आसित कुशवाहा तथा मास्टर वारंट ऑफिसर (एचएफएल) स्वर्गीय केशव नाथ उपाध्याय के आश्रितों को 65 हजार रुपये तक की वार्षिकी स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि सूची में विभिन्न सैन्य इकाइयों से जुड़े अधिकारी एवं जवान शामिल हैं। एक ही जिले से दस अलंकरण प्राप्त वीरों का होना कानपुर नगर को देश के उन गिने-चुने जिलों में शामिल करता है, जहाँ सैन्य सम्मान का ऐसा व्यापक प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है।
जिलाधिकारी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि को नियमानुसार आहरित कर संबंधित लाभार्थियों को भुगतान कराया जाए। इसके लिए आहरण एवं वितरणअधिकारी तथा अपर नगर मजिस्ट्रेट पंचम, कलेक्ट्रेट को कोषागार में देयक प्रस्तुत कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह वार्षिकी केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि उन सैनिकों व शहीदों के परिजनों के प्रति राज्य सरकार की स्थायी जिम्मेदारी का निर्वहन है, जिन्होंने देश की रक्षा में शौर्य और वीरता का परिचय दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद



