अररिया सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी ,जांच में जुटी पुलिस

अररिया, 08 जनवरी(हि.स.)।

अररिया व्यवहार न्यायालय में सीरियल बम ब्लास्ट को लेकर एक मेल आया।जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत सुरक्षाकर्मियों ने अपने कब्जे में लिया और कोर्ट परिसर को खाली करवा कर जांच किया गया।कोर्ट परिसर को खाली कराए जाने को लेकर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।

अररिया एसपी अंजनी कुमार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन सुरक्षा के दृष्टि से कब्जे में लेकर व्यवहार न्यायालय को परिसर में आम आवाम के आगमन पर रोक लगा दिया और पूरे परिसर को खाली कराया।कोर्ट परिसर में डॉग स्क्वॉड की टीम से जांच कराई गई और इस दौरान किसी तरह की कोई आपत्तिजनक समान नहीं मिला।

कोर्ट के कंप्यूटर सेक्शन में एक मेल आया,जो तमिलनाडु से था।मेल में तमिलनाडु के कॉन्स्टेबलों को निवेथा पुथेराज और अन्य डीएमके की रखैलों के कपड़े और गंदे बर्तन साफ करने के लिए मजबूर करने की बात कही गई।मेल में पूर्व एलटीटीई सदस्यों द्वारा आजाद कश्मीर पाक आईएसआई सदस्यों के साथ मिलकर इस औरत के खिलाफ आवाज उठाने और तमिलनाडु में कॉन्स्टेबलों के लिए 1979 में नैनार दास पुलिस यूनियन की सिफारिशों को लागू करवाने को लेकर कोर्ट को निशाना बनाने की बात कही गई।

मेल में कोर्ट परिसर में सीरियल बम ब्लास्ट की बात करते हुए तीन आरडीएक्स एलईडी को पहले से ही कोर्ट बिल्डिंग में अहम जगहों पर रखे जाने की बात कही गई।इसी तरह का मेल पटना,गया कोर्ट को भी दिया गया।

मेल के बाद ऐतिहातन पुलिस ने हाई अलर्ट मोड में कोर्ट परिसर को खाली करवाकर जांच शुरू की।हालांकि कोर्ट परिसर में मेल के आलोक में किसी तरह की कोई आपत्तिजनक समान बरामद नहीं हुआ।

मामले में एसपी अंजनी कुमार ने मेल आने की पुष्टि करते हुए कोर्ट के द्वारा जानकारी दी गई।उन्होंने बताया कि यह कोई अररिया स्पेसिफिक कोर्ट को लेकर मेल नहीं लिखा गया,बल्कि यह तमिलनाडु के कोर्ट को लेकर लिखी गई थी।बावजूद इसके प्राथमिकता के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली करवाकर जांच कराई गई और किसी तरह का कोई आपत्तिजनक या विस्फोटक समान नहीं मिला।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर