प्रधानमंत्री का असम भ्रमण असम के लिए लाएगा विकास का संदेश: प्रदेश भाजपा

गुवाहाटी, 15 जनवरी, (हि.स.)। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के असम आगमन पर उनका भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया है। प्रधानमंत्री 17 जनवरी से असम के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं, जिसके साथ वे राज्य के लोगों के लिए विकास का सशक्त संदेश लेकर आ रहे हैं। आज अटल बिहारी वाजपेयी भवन से जारी वक्तव्य में राज्य भाजपा मीडिया पैनलिस्ट आशीष भराली ने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रत्येक असम दौरा राज्यवासियों के लिए नई सौगात लेकर आता है।

उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री असम की रेलवे कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। प्रधानमंत्री गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही लखनऊ और रोहतक को जोड़ने वाली दो नई अमृत भारत ट्रेनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अतिरिक्त, असम के कोकराझाड़ से भूटान के गेलेफू को जोड़ने वाली नई रेल लाइन की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिससे भारत–भूटान संपर्क को और सुदृढ़ किया जाएगा।

भराली ने कहा कि जिस प्रकार असम सरकार ने बिहू और झूमुर जैसे नृत्यों को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है, उसी क्रम में इस बार असम की एक और पारंपरिक लोकनृत्य परंपरा को विश्व के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में गुवाहाटी के सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुवा खेल परिसर में लगभग 10 हजार बोडो कलाकार पारंपरिक बागुरुम्बा नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री 6,900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले 34 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे, जो क्षेत्र की समृद्ध वन्यजीव विरासत की सुरक्षा में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में असम में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को साकार किया गया है। इनमें गहपुर–नुमलीगढ़ ब्रह्मपुत्र के नीचे बनने वाली सुरंग, गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना, पलाशबाड़ी–सुवालकुची पुल, धुबड़ी–फूलबाड़ी पुल, नरेंगी–कुरुवा पुल, धौला–सादिया पुल (डॉ. भूपेन हजारिका सेतु), कामाख्या कॉरिडोर, एम्स गुवाहाटी, जागीरोड में सेमीकंडक्टर परियोजना, सिलचर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा तथा नुमलीगढ़ में बांस आधारित एथेनॉल बायो-रिफाइनरी परियोजना प्रमुख हैं।

आशीष भराली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ प्रयासों के कारण पिछले एक दशक में असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। कांग्रेस शासन के दौरान उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को अब बिना किसी आंदोलन या मांग के विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी अब तक 35 से अधिक बार असम और पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं, जो किसी भी पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा नहीं किया गया। इसके विपरीत, असम से राज्यसभा सदस्य रहते हुए भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपने दस वर्ष के कार्यकाल में दस बार भी असम नहीं आए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न तो असम में नए उद्योग स्थापित किए और न ही राज्य के हितों की रक्षा की, बल्कि नामरूप उर्वरक संयंत्र और गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र को पश्चिम बंगाल स्थानांतरित करने का प्रयास किया। इन तथ्यों से एक ओर जहां भाजपा की असम के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की वर्षों पुरानी उपेक्षा भी उजागर होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश