वर्तमान कोर्ट भवन की गरिमा और विरासत आधुनिक जरूरतों से मेल नहीं खाती: मुख्यमंत्री

असमः उत्तर गुवाहाटी स्थित रंगमहल में गौहाटी उच्च न्यायालय परिसर की आधारशिला का दृश्य

गुवाहाटी, 11 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि वर्तमान उच्च न्यायालय भवन की गरिमा और उसकी ऐतिहासिक विरासत आधुनिक न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री रविवार को उत्तर गुवाहाटी स्थित रंगमहल में एकीकृत न्यायिक अदालत परिसर के आधारशिला स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस दिन को असमवासियों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि नए न्यायालय परिसर के निर्माण का निर्णय व्यापक विचार-विमर्श और विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने अदालत परिसर को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद 6–7 वैकल्पिक स्थलों का निरीक्षण किया गया।

डॉ. सरमा ने बताया कि दिखाए गए स्थलों में से न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने रंगमहल के स्थान को सबसे उपयुक्त माना, जिसके आधार पर यहां आधुनिक और एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 148 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि रंगमहल में लोगों ने बिना किसी आपत्ति के भूमि हस्तांतरित की है। यह न्यायपालिका के प्रति जनता के सम्मान और विश्वास को दर्शाता है।

परियोजना का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित परिसर में 31 अदालत कक्ष होंगे। अधिवक्ताओं के लिए करीब 300 कक्ष बनाए जाएंगे, जहां लगभग 2,000 अधिवक्ता एक साथ बैठकर कार्य कर सकेंगे। इस परिसर के पूर्ण होने पर कामरूप (ग्रामीण) और कामरूप (मेट्र) जिलों में कुल 65 सिविल कोर्ट संचालित होंगे।

इसके अलावा परिसर में लगभग 1,000 लोगों की बैठने की क्षमता वाला सभाकक्ष भी होगा। न्यायालय परिसर तक बेहतर आवागमन के लिए चार लेन की सड़क के निर्माण की भी योजना है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश