घड़ा सहित पौधे का दान, री-यूज का अनूठा उदाहरण

औरैया, 08 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के दिबियापुर निवासी व राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित नेहा कुशवाहा अपनी सतत पर्यावरण संरक्षण मुहिम के माध्यम से समाज को लगातार प्रेरित कर रही हैं। वर्तमान समय में जब पर्यावरण संकट वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है, ऐसे में नेहा जैसे युवाओं की पहल जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बन रही है। वर्ष 2015 में पौधारोपण अभियान की शुरुआत करने वाली नेहा कुशवाहा ने हर छोटे-बड़े अवसर पर पौधा दान की एक सकारात्मक परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनका मानना है कि पर्यावरण की रक्षा लोगों के व्यक्तिगत प्रयासों से ही संभव है।

अब तक 3546 पौधों का दान एवं रोपण कर चुकीं ‘वॉटर हीरो’ नेहा कुशवाहा ने एक और सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने घर में अनुपयोगी पड़े एक घड़े में उगाए गए अनार के पौधे को घड़ा सहित ढरकन निवासी सनी शाक्य को दान किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पुनः उपयोग (री-यूज) और संसाधन संरक्षण का भी प्रभावी संदेश देती है।

सनी शाक्य ने पौधे को सहर्ष स्वीकार करते हुए उसकी नियमित देखभाल करने और उसे फलदार वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। नेहा कुशवाहा की यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पर्यावरण के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी देती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार