पुलिस प्रशासन, बीसीसीएल और सीआईएसएफ की ओर से संयुक्त रूप से दुर्घटनाग्रस्त खदान क्षेत्र से सटे गांवों में जागरूकता अभियान
- Admin Admin
- Jan 14, 2026
आसनसोल, 14 जनवरी (हि. स.)। बीते दिनों बीसीसीएल की दामागोड़िया बोडिरा कोयला खदान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आता दिख रहा है। अवैध रूप से कोयला निकालने के दौरान खदान धंसने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने लोगों को भयभीत कर दिया है। इसी के मद्देनजर बुधवार को पुलिस प्रशासन, बीसीसीएल और सीआईएसएफ की ओर से संयुक्त रूप से दुर्घटनाग्रस्त खदान क्षेत्र से सटे गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि दामागोड़िया बोडिरा कोयला खदान अत्यंत खतरनाक अवस्था में है और इसमें प्रवेश करना किसी भी कीमत पर जानलेवा साबित हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अवैध कोयला उत्खनन से पूरी तरह दूरी बनाए रखें और किसी भी हाल में खदान के भीतर प्रवेश न करें।
अधिकारियों ने कहा कि खदान में लगातार धंसान का खतरा बना हुआ है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले में कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त कुल्टी थाना के किसी वरिष्ठ अधिकारी या सीआईएसएफ की मौजूदगी मौके पर नहीं थी। इतना ही नहीं, मृतकों का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर संदेह गहराता जा रहा है। बुधवार को कुल्टी थाना अंतर्गत चौड़ंगी चौकी के प्रभारी कार्तिक भुइंया के नेतृत्व में सीआईएसएफ के अधिकारी इलाके में पहुंचे और लोगों को खदान की भयावह स्थिति से अवगत कराया। लेकिन सवाल यह है कि यदि खदान इतनी ही खतरनाक थी, तो पहले अवैध गतिविधियों पर रोक क्यों नहीं लगाई गई? वहीं विपक्षी दलों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि इसी खदान से सैकड़ों मोटरसाइकिलों के जरिए खुलेआम अवैध कोयले की ढुलाई लंबे समय से हो रही थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब यह सब कुछ सबकी नजरों के सामने चल रहा था, तब पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जागरूकता कार्यक्रम जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपनों की जान न गंवानी पड़े। फिलहाल दामागोड़िया बोडिरा खदान हादसा प्रशासन, बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक कड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा



