नए साल पर भाजपा नेता ने तृणमूल विधायक पर लगाए कई आरोप
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- Jan 01, 2026
आसनसोल, 01 जनवरी (हि. स.)। भाजपा नेता सह समाजसेवी कृष्ण प्रसाद ने अंग्रेजी नववर्ष के पहले ही दिन गुरुवार को दोपहर में आसनसोल में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 के कल्ला मोड़ स्थित आवासीय कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर तृणमूल सरकार सहित आसनसोल उत्तर के विधायक सह मंत्री मलय घटक पर तीखा प्रहार किया।
कृष्णा प्रसाद ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में मंत्री सह विधायक मलय घटक ने आसनसोल उत्तर विधानसभा के लोगों से किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं किया। पिछले कुछ हफ्तों से वे आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में घूम रहे हैं। वे कड़ाके की ठंड में लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने का काम कर रहे हैं। इन हालातों को देखकर उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन वार्डों का दौरा करने के बाद, उन्हें महसूस हुआ कि यहां कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। लोगों के पास आवास, कपड़े, रोजगार और यहां तक कि बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। लेकिन, राज्य के मंत्री और आसनसोल नॉर्थ के विधायक को इन सबसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। आसनसोल नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों में लोग बहुत मुश्किल हालात में रहने को मजबूर हैं। इनमें मुसलमान भी हैं। जिन्हें तृणमूल कांग्रेस मदद करने का दावा करती है।
उनके अनुसार, भाजपा ने हमेशा कहा है कि राष्ट्रवादी भारतीय मुसलमानों से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन, जो लोग बाहर से आकर देश में अशांति फैलाते हैं, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। आसनसोल नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए कृष्णा प्रसाद ने मलय घटक से अपने पद से इस्तीफ़ा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मलय घटक एक विधायक और मंत्री के तौर पर पूरी तरह से फ़ेल हैं। उन्होंने आसनसोल नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के 13, 14, 15, 20 और 21 41, समेत कई वार्डों के पार्षदों के इस्तीफ़े की भी मांग की। उनका दावा है कि जिन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई है।
कृष्णा प्रसाद ने मलय घटक से पूछा कि जब वे चुनाव प्रचार कर रहे थे, तो उन्होंने कहा था कि आसनसोल नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में रैकेट कोलमैन फ़ैक्टरी फिर से खोली जाएगी। तो फिर इसे अभी तक क्यों नहीं खोला गया?
कृष्णा प्रसाद ने तृणमूल कांग्रेस की पार्षद आशा प्रसाद के खिलाफ भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि पार्षद लोगों से काम करने के लिए 500 से 1000 रुपये लेती हैं।
कृष्णा प्रसाद ने ईसीएल के सीएमडी सतीश झा से पूछा और कहा कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कुछ दिन पहले तक एक प्रॉफिटेबल कंपनी थी। लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया कि अब कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं मिल रही है?
कृष्णा प्रसाद ने कहा कि इसका एकमात्र कारण यह है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में बहुत बड़ा स्कैम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां कोयले की बहुत बड़ी ब्लैक मार्केट है। खदानों से निकाले जाने वाले कोयले में पत्थर मिलाए जाते हैं। जिससे कोयले की क्वालिटी खराब हो रही है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से पहले जो बड़ी कंपनियां कोयला खरीदती थीं, उन्होंने अब खरीदना बंद कर दिया है। जिससे कंपनी अब घाटे में चल रही है।
कृष्णा प्रसाद ने आरोप लगाया कि मिलावटी कोयला, डीओ और कोयले के ट्रकों से हर महीने कई सौ करोड़ रुपये उगाही के जरिए वसूले जा रहे हैं। जिसका एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक नेताओं तक पहुंचता है। तृणमूल इस पैसे का इस्तेमाल आने वाले 2026 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए करना चाहती है। लेकिन, हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने आज कहा कि वह इस बारे में प्रधानमंत्री और अलग-अलग सेंट्रल जांच एजेंसियों से शिकायत करेंगे। मैं जनता के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध करूंगा।
कृष्णा प्रसाद ने कहा, मुझे पता है कि मेरी जान को खतरा है लेकिन मैं डरने वालों में से नहीं हूं। मैं तृणमूल की गलत हरकतों को रोकूंगा। इस गैर-कानूनी कोयले के धंधे में पप्पू, लोकेश, बीर बहादुर समेत कई लोग शामिल हैं। जिनका तृणमूल नेताओं से सीधा संबंध है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा



