आसनसोल, 14 जनवरी (हि. स.)। फॉर्म-7 जमा नहीं लिए जाने के विरोध में भाजपा जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने बुधवार को आसनसोल सदर महकमा अधिकारी विश्वजीत भट्टाचार्य के कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। भाजपा की ओर से बुधवार को आसनसोल कोर्ट परिसर घड़ी मोड़ पर धरना प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया।
भाजपा कार्यकर्ता केवल बाहर ही नहीं, बल्कि कार्यालय के अंदर भी धरने पर बैठ गये। वहीं बाहर मंच बनाकर लगातार नारेबाज़ी और विरोध जारी रहा। इस कारण कुछ समय के लिए प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ और कार्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
भाजपा नेताओं ने बताया कि फॉर्म-7 चुनावी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। जिसके ज़रिए किसी निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद अवैध या अपात्र मतदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाती है। फॉर्म-7 जमा होने के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरअेा) द्वारा उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
भाजपा का आरोप है कि जानबूझकर फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जा रहे, ताकि अवैध मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई रोकी जा सके।
जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग ने समय दिया था कि अगर किसी के नाम में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जा सकती है। लेकिन तृणमूल के दबाव में आकर ईआरओ फॉर्म सात को जमा लेने से मना कर रहे है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल जानबूझकर नाजायज नाम को मतदाता सूची में रखना चाहती है क्योंकि नाजायज नामों को सूची में रखने से सीधे तौर पर तृणमूल को लाभ मिलेगा। उन्होंने चुनाव आयोग से फॉर्म सात को स्वीकार करने की मांग किया है।
इस दौरान धरने पर जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य के साथ भाजपा के प्रदेश कमेटी के नेता कृष्णेंदु मुखर्जी, केशव पोद्दार, अरिजीत राय, उपासना उपाध्याय, अपूर्व हाजरा और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेताओं का कहना है कि इससे चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फॉर्म-7 जमा करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि गणतंत्र की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक संघर्ष करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनाती की गयी थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा



