
झुंझुनू, 18 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान परिवहन विभाग (आरटीओ) चूरू के एक इंस्पेक्टर ने शनिवार को झुंझुनू के भाजपा विधायक राजेन्द्र सिंह भांबू की हाईवे के रखरखाव का काम करने वाली कंपनी का 25 लाख रुपए का चालान काटा। राजेन्द्र सिंह भांबू की कंपनी का हाईवे पर नियम के मुताबिक सुविधाएं नहीं देने के चलते ये चालान काटा गया है। ऐसा बहुत कम होता है कि आरटीओ किसी हाईवे पर सुविधाएं नहीं देने के कारण हाईवे का मेंटेनेंस देखने वाली फर्म का चालान काटे।
अब तक इस तरह की कार्रवाई नोडल एजेंसी या रिडकोर करती थी। जिस एजेंसी के जरिए हाईवे का निर्माण करवाया जाता है वही एजेंसी रखरखाव करने वाली फर्म पर जुर्माना करती है। चालान आरएसबी इंफ्रा प्रा. लि. कंपनी का काटा गया है जो इस पूरे हाईवे का रखरखाव का काम करती है। जबकि टोल कलेक्शन करने वाली फर्म केकेसी सीकर को भी इस चालान में संयुक्त रूप से दोषी माना है।
मामला चूरू जिले में राजगढ़ से भालेरी (स्टेट हाईवे 06) तक 133 किलोमीटर लंबी सड़क का है। आरटीओ इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह की टीम ने जब इंस्पेक्शन किया तो उन्हें इस हाईवे पर सांकेतिक बोर्ड (साइनेज), नाइट रिफ्लेक्टर, हाईवे पर बने अलग-अलग जंक्शन (चैराहों, तिराहों) पर वॉर्निंग साइन, इमरजेंसी नंबर समेत अन्य सुविधाएं नहीं दिखीं। इसके अलावा, टोल बूथ पर न तो इमरजेंसी एम्बुलेंस थी और न ही हादसा होने पर हाईवे पर ट्रैफिक खुलवाने के लिए हाइड्रा क्रेन और हाईवे पेट्रोलिंग मिली। इस पर डीटीओ चूरू की टीम ने 25 अलग-अलग पॉइंट्स पर रिपोर्ट तैयार करके हर पॉइंट पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए कुल 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने बताया कि नियमों के तहत हाईवे पर इन सुविधाओं को विकसित करना कॉन्ट्रैक्टर की जिम्मेदारी होती है, ताकि हाईवे पर आने वाली गाड़ी के ड्राइवर को हर जगह की सही जानकारी मिल सके और वह दिन, रात या अन्य परिस्थिति में सुरक्षित सफर कर सके। रॉबिन सिंह ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी टोल प्लाजा की नियमित जांच जारी रहेगी और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चूरू जिला परिवहन अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि टीम द्धारा नियम 198ए के तहत चालान बनाने की मुझे सूचना मिली है। टोल रोड पर सुविधाएं देना एजेंसी की जिम्मेदारी है। यह 133 किलोमीटर लंबी सड़क करीब 215 करोड़ रुपए की लागत से जुलाई 2020 में बनी थी। सड़क वर्ष 2026 तक गारंटी अवधि में है। इसके बावजूद टोल संचालक सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश



