विधायक निधि के उपयोग में बाधा का आरोप, सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष का अनशन का ऐलान

सिलीगुड़ी, 19 जनवरी (हि. स.)। सिलीगुड़ी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शंकर घोष ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर विधायक क्षेत्र विकास निधि के उपयोग में जानबूझकर बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस कथित असहयोग के विरोध में उन्होंने अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है।

सोमवार को सिलीगुड़ी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में शंकर घोष ने अपने फैसले की घोषणा की। इस मौके पर उनके साथ सिलीगुड़ी संगठनात्मक जिला भाजपा के उपाध्यक्ष राजू साहा भी मौजूद थे।

पत्रकार वार्ता में विधायक ने कहा कि न केवल उनके वर्तमान कार्यकाल में, बल्कि पिछले पांच वर्षों के उनके पूर्व विधायक कार्यकाल के दौरान भी जिला प्रशासन ने कई बहानों से विधायक निधि की राशि जारी नहीं की। इसके कारण शहर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे कई बार जिला प्रशासन, राज्य सरकार, सिलीगुड़ी–जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण और यहां तक कि सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर को भी लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी बात को नजरअंदाज किया गया। कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

शंकर घोष ने आरोप लगाया कि यह सब एक पूर्व-नियोजित साजिश के तहत किया जा रहा है। उनका दावा है कि उनकी छवि खराब करने और राजनीतिक उद्देश्य साधने के लिए सत्तारूढ़ दल जानबूझकर विधायक निधि को रोके हुए है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे है।

विधायक ने कहा कि मैं इस असहयोग के विरोध में 22 जनवरी सुबह आठ बजे से 23 जनवरी सुबह आठ बजे तक अनशन पर बैठूंगा। यदि इसके बाद भी यही रवैया रहा, तो आने वाले दिनों में मैं इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि सिलिगुड़ी की जनता के विकास अधिकारों के लिए है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार