कोलकाता में बीएलओ की मौत: पत्नी ने एसआईआर कार्य के दबाव का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई शिकायत
- Admin Admin
- Jan 16, 2026
कोलकाता, 16 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में पूर्व जादवपुर थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर इलाके में मृत बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) अशोक दास की पत्नी सुदीप्त्ता दास ने शुक्रवार को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विशेष गहन पुनरिक्षण (एसआईआर) कार्य के अत्यधिक दबाव के कारण उनके पति ने आत्महत्या की।
पूर्व जादवपुर थाने में की गई शिकायत में सुदीप्त्ता ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि एसआईआर से जुड़े काम के चलते अशोक दास लगातार मानसिक तनाव में थे और इसी कारण उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि, गुरुवार सुबह मुकुंदपुर के अहल्यानगर स्थित आवास में अशोक दास को स्नानघर में फांसी पर लटका हुआ पाया गया। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत ईएम बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए। भाजपा के एक पार्षद सजल घोष ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस की पार्षद अनन्या बंद्योपाध्याय और तृणमूल से जुड़े एक बीएलए-2 राजू विश्वास ने अशोक दास और उनके परिवार को धमकाया था, जिसके चलते वह भय और मानसिक दबाव में आ गए और आत्मघाती कदम उठाया।
हालांकि, मृतक की पत्नी ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर चुनाव आयोग और बीएलओ कार्य व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा कि बीएलओ की जिम्मेदारी मिलने के बाद से अशोक दास लगातार मानसिक दबाव में थे।
पूर्व जादवपुर थाना सूत्रों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने अशोक दास के कमरे की मेज से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें काम के दबाव का उल्लेख है। नोट में लिखा है, “मैं एसआईआर के दबाव को सहन नहीं कर पा रहा हूं। मेरी तबीयत खराब होती जा रही है। इसलिए मैं इस दुनिया को छोड़कर माता-पिता के पास जा रहा हूं।”
अशोक दास दक्षिण 24 परगना के जयनगर क्षेत्र के बहड़ू हाई स्कूल में सहायक शिक्षक थे। साथ ही वह बंगाल में चल रहे एसआईआर कार्यक्रम के तहत बीएलओ के रूप में भी कार्यरत था। वह पूर्व जादवपुर के चितकालिकापुर एफपी स्कूल के बूथ नंबर 110 के बीएलओ थे। सहकर्मियों के अनुसार, चुनावी जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह नियमित रूप से विद्यालय में शिक्षण कार्य भी करते थे।
वहीं, धमकी के आरोपों को खारिज करते हुए तृणमूल पार्षद अनन्या बंद्योपाध्याय ने कहा कि वह अशोक दास को व्यक्तिगत रूप से जानती थीं और उनके परिवार से भी परिचय था। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में एसआईआर का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका था और किसी अन्य बीएलओ ने दबाव की शिकायत नहीं की है। उन्होंने इस पूरे मामले में राजनीति किए जाने के आरोपों को भी सिरे से नकार दिया है।----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



