नारी शक्ति के सम्मान से भारत फिर बनेगा विश्वगुरु : प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी
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- Jan 12, 2026
बलिया, 12 जनवरी (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सोमवार को टीडी कालेज के मनोरंजन हाल में 'स्वामी विवेकानंद का वेदांत दर्शन और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में उसका योगदान' विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल, विशिष्ट अतिथि सामाजिक चिंतक राजीव उपाध्याय ने संयुक्त रुप से किया।
मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि विवेकानंद के दर्शन में सम्पूर्ण विश्व एक परिवार की तरह है। विवेकानंद ने यह मार्ग दिखाया था कि भारतवर्ष में सभी एक दूसरे के पूरक हैं। भारत में विरोधी भी सही बात करता है तो वह भी ग्राह्य है। भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए पारिवारिक मूल्य और नारी शक्ति का सम्मान होना चाहिए। सृष्टि को चलाने के तरीके को सनातन धर्म कहा गया है। जब भारत में सनातनी और अपने को हिन्दू कहने में लोग शर्म महसूस करने लगे थे, उस वक्त विवेकानंद ने कहा गर्व से कहो हम हिन्दू हैं। विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति को पुर्नजीवित किया। आज कहीं न कहीं फिर से संकट सामने आ खड़ा हुआ है। ऐसे में विवेकानंद के दर्शन को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मूल्यों को बचाए रखने और नारी शक्ति का सम्मान करने से भारत का मस्तक विश्व में एक बार फिर से ऊँचा हो सकता है।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल ने कहा कि विवेकानंद का दर्शन हजारों साल बाद भी प्रासंगिक रहेंगे। आज के संक्रमण काल में युवाओं के लिए विवेकानंद प्रेरणास्रोत हैं। आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो एकता की भावना से ओत-प्रोत हों। युवा ही भारतीय संस्कृति पर हो रहे प्रहार को रोक सकता है।
इसके पहले वैष्णवी राय ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मेजर दिनेश सिंह, डाॅ. गणेश पाठक, रामायण सिंह, डाॅ. अशोक उपाध्याय, राजीव मोहन चौधरी, वेदप्रकाश पाण्डेय, सुशील कुमार पाण्डेय, जीतेन्द्र सिंह, अरविंद राय, माधव गुप्त, प्रदीप वर्मा, सुशील त्रिपाठी, आनंद सिंह, शम्भूनाथ सिंह, डाॅ. रितेश सोनी, डाॅ. दीपक गुप्ता, लल्लन पाण्डेय, गोपाल पाण्डेय, विनोद तिवारी, अनिल पाण्डेय, रामकिंकर सिंह, जयशंकर राय बंटी, रत्नाकर राय, श्वेता राय, रजनीकांत सिंह, दिग्विजय सिंह, जयप्रकाश उपाध्याय, डाॅ. अखिलेश राय, डाॅ. जैनेन्द्र पाण्डेय, डाॅ. अवनीश चन्द्र पाण्डेय आदि थे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद शुक्ल व अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य डाॅ. अशोक कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के संयोजक करूणानिधि तिवारी ने आभार प्रकट किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी



