महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी को लेकर भाजपा का ममता सरकार पर तीखा हमला

कोलकाता, 06 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सियासत तेज हो गई है। बंगाल भाजपा ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भाजपा के अनुसार, हुगली जिले में एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर कट्टरपंथियों द्वारा बाल बांधने और पर्दा करने की हिदायत दी गई, और इन निर्देशों के पीछे अप्रत्यक्ष धमकी का भाव निहित था। पार्टी का दावा है कि यह घटना किसी फिल्मी कहानी या अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि बंगाल में घट रही एक वास्तविक स्थिति का उदाहरण है।

भाजपा ने कहा कि अक्सर लोग ऐसी घटनाओं को पड़ोसी देश बांग्लादेश से जोड़कर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन यह मामला पश्चिम बंगाल का ही है, जहां कथित तौर पर राज्य प्रशासन की ओर से खामोशी देखी गई।

पोस्ट में भाजपा ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता धीरे-धीरे खत्म होती है—आदेशों से, धमकियों से और चुप्पी से। पहले निर्देश दिए जाते हैं, फिर डर का माहौल बनाया जाता है और अंततः भय को सामान्य बना दिया जाता है। पार्टी का कहना है कि आज अगर एक महिला पत्रकार को कपड़ों और आचरण पर निर्देश दिए जा रहे हैं, तो कल यह किसी भी बेटी की ज़िंदगी को नियंत्रित करने की कोशिश हो सकती है।

भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके चलते संविधान पीछे हट रहा है और समानांतर सत्ता उभर रही है। पार्टी का दावा है कि वोट बैंक की राजनीति में महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता को खतरे में डाला जा रहा है।

पोस्ट के अंत में भाजपा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो समाज चुपचाप अपनी बेटियों के पंख कतरने देता है, वह अपने भविष्य को खुद गिरवी रख देता है, और बंगाल को इस स्थिति को गंभीर चेतावनी के रूप में देखना चाहिए।

बहरहाल, भाजपा के इस पोस्ट को लेकर खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय