बंगाल एसआईआर : एसओपी उल्लंघन पर माइक्रो-ऑब्ज़र्वरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
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- Jan 12, 2026
कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में नियुक्त माइक्रो-ऑब्ज़र्वरों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से जानबूझकर कोई भी विचलन किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
माइक्रो-ऑब्ज़र्वरों की नियुक्ति राज्य में चल रहे त्रि-स्तरीय विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन - एसआईआर) की दूसरी प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियों पर होने वाली सुनवाई सत्रों की निगरानी के लिए की गई है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल के लिए नियुक्त लगभग 3,500 माइक्रो-ऑब्ज़र्वर केंद्र सरकार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से चुने गए हैं। इनमें अधिकांश ग्रुप-बी और कुछ ग्रुप-ए श्रेणी के अधिकारी हैं। चूंकि ये केंद्र सरकार या केंद्रीय उपक्रमों के कर्मचारी हैं, इसलिए एसओपी उल्लंघन की स्थिति में इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना राज्य सरकार के कर्मचारियों जैसे निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (एईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की तुलना में अपेक्षाकृत आसान होगा।
ईसीआई के निर्देशानुसार, जानबूझकर किए गए एसओपी उल्लंघन पर पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित माइक्रो-ऑब्ज़र्वर को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
पिछले सप्ताह ईसीआई ने राज्य के लिए चार अतिरिक्त विशेष रोल ऑब्ज़र्वरों की नियुक्ति की थी, जिनके प्रमुख दायित्वों में सुनवाई सत्रों के दौरान माइक्रो-ऑब्ज़र्वरों के कार्य प्रदर्शन की समीक्षा भी शामिल है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय सूत्रों के अनुसार, आयोग को शिकायतें मिली थीं कि कुछ माइक्रो-ऑब्ज़र्वर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का पालन नहीं कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे और कोई भी फर्जी मतदाता सूची में शामिल न रहे।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में प्रारूप मतदाता सूची 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की जाएगी। इसके बाद ही राज्य में इस वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



