तरैया स्थित भलूआ का खिचड़ी मेला लकड़ी के सामानों के लिए प्रसिद्ध
- Admin Admin
- Jan 15, 2026



सारण, 15 जनवरी (हि.स.)। जिले के तरैया प्रखंड स्थित भलूआ गांव में हर साल की भांति इस वर्ष भी खिचड़ी मेला पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ मिलने वाले लकड़ी के बने टिकाऊ सामान हैं, जिन्हें खरीदने के लिए दूर-दराज के गांवों से हजारों की संख्या में लोग पहुँच रहे हैं। मेले में इस बार भी उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से आए कारीगरों ने लकड़ी के सामानों की प्रदर्शनी लगाई है। मेले में लकड़ी की बनी ओखली, मूसल, बेलन-चौका, पीढ़ा और फर्नीचर के विभिन्न सामान प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र का मेला होने के कारण यहाँ लकड़ी के हल, कुदाल, और अन्य पारंपरिक कृषि यंत्रों की भी काफी बिक्री देखी जा रही है, प्लास्टिक के युग में भी यहाँ लकड़ी से बनी छोटी गाड़ियाँ, चरखा और अन्य खिलौने बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
स्थानीय रवि रंजन उर्फ चुन्नू सिंह का कहना है कि भलूआ का यह खिचड़ी मेला दशकों पुराना है। यह न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। मेले में पहुँचने वाले श्रद्धालु और आगंतुक जहाँ एक ओर अपनी जरूरत के सामान खरीदते हैं, वहीं दूसरी ओर मेले के पारंपरिक व्यंजनों जैसे खुरमा और जलेबी का आनंद भी लेते हैं।
मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय युवाओं की टीम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटी हुई है। दुकानदारों ने बताया कि इस वर्ष काठ के सामानों की फिनिशिंग और डिजाइन में नयापन लाया गया है, जिससे ग्राहकों में काफी उत्साह है
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार



