भांगड़ में राजनीतिक हिंसा, शौकत–आराबुल गुट आमने-सामने
- Admin Admin
- Jan 04, 2026
दक्षिण 24 परगना, 04 जनवरी (हि. स.)। जिले के भांगड़ में रविवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित नेता आराबुल इस्लाम के बेटे हाकिमुल इस्लाम की गाड़ी पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें घेरकर ‘गद्दार’ के नारे लगाए गए।
आरोप है कि यह हमला स्थानीय तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला के समर्थकों द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया।
हाकिमुल इस्लाम दक्षिण 24 परगना जिला पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष हैं। उन पर हुए हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, विधायक शौकत मोल्ला ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में गद्दारों की कोई जगह नहीं है। जनता उन्हें नहीं चाहती।
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत शनिवार रात हुई। शनिवार को भांगड़ के तृणमूल नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल, डायमंड हार्बर सांगठनिक जिला तृणमूल अध्यक्ष शुभाशीष चक्रवर्ती से मिलने गया था।
उक्त प्रतिनिधिमंडल में हाकिमुल इस्लाम, काइज़र अहमद और ओदुद मोल्ला शामिल थे।
आरोप है कि वहां से लौटने के बाद शनिवार रात को पंचायत समिति के सदस्य ओदुद मोल्ला के काठालिया स्थित घर पर शौकत मोल्ला के समर्थकों ने धावा बोला और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
इसकी जानकारी मिलने पर रविवार सुबह हाकिमुल इस्लाम और काइज़र अहमद ओदुद मोल्ला के समर्थन में उनके घर पहुंचे। वहां से निकलते समय ही हाकिमुल इस्लाम को विरोध का सामना करना पड़ा।
आरोप है कि शौकत मोल्ला के समर्थकों ने हाकिमुल की गाड़ी को घेरकर हमला किया और ‘गद्दार’ के नारे लगाए। सूचना मिलने पर उत्तर काशीपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस के साथ हल्की झड़प भी हुई। बाद में पुलिस ने हाकिमुल को सुरक्षित रूप से वहां से निकाल लिया।
हाकिमुल इस्लाम ने सीधे तौर पर विधायक शौकत मोल्ला पर आरोप लगाते हुए कहा कि शौकत के समर्थकों ने रात में ओदुद के घर जाकर हत्या की धमकी दी थी और आज मेरी गाड़ी पर हमला किया। उनके दबदबे से पूरा इलाका अशांत हो गया है। लोग डरे हुए हैं। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, विधायक शौकत मोल्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग खुद झगड़ा करते हैं और दूसरों पर दोष डालते हैं, वही गद्दार हैं। पार्टी में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अभी भी पुलिस बल तैनात है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भांगड़ में बढ़ते राजनीतिक तनाव को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय



