जल शक्ति विभाग में पाइप आपूर्ति पर सवाल, भाजपा ने मांगी जांच

शिमला, 12 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में जीआई पाइप की आपूर्ति को लेकर सामने आई एक आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने सोमवार को एक बयान में कहा कि विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी के सामने पेश 22 पन्नों की रिपोर्ट से बड़े स्तर पर अनियमितताओं और संभावित मिलीभगत के संकेत मिलते हैं।

भाजपा के अनुसार यह मामला मार्च 2025 का है, जब 4,500 मीट्रिक टन से अधिक जीआई पाइप की आपूर्ति में निविदा की शर्तों की अनदेखी की गई। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि वास्तविक ट्रांसशिपमेंट के बिना फर्जी ई-वे बिल दिखाए गए। संदीपनी भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2024–25 में एल-1 फर्म होने के नाते एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड को 4,770 मीट्रिक टन जीआई पाइप की आपूर्ति का आदेश दिया गया था, जिसकी कुल लागत करीब 36.77 करोड़ रुपये थी।

भाजपा नेता ने कहा है कि रिपोर्ट में दर्ज विवरण के अनुसार 13.150 मीट्रिक टन (80 एमएम पीई) जीआई पाइप, जिनकी कीमत लगभग 10.19 लाख रुपये बताई गई है, सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि को बिना सूचना दिए बड़सर डिवीजन भेज दिए गए। कंपनी की ओर से दावा किया गया कि एक ही ट्रक से आनी और बड़सर के लिए सामग्री भेजी गई थी। बाद में यह कहा गया कि पहाड़ी इलाके में लोड न उठ पाने के कारण दूसरे ट्रक से ट्रांसशिपमेंट किया गया।

भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में न तो सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि की मौजूदगी दर्ज की गई और न ही अनिवार्य वीडियोग्राफी का कोई प्रमाण उपलब्ध है, जबकि निविदा की शर्तों के मुताबिक सामग्री की तौल, डिस्पैच और ट्रांसशिपमेंट सिविल सप्लाई के प्रतिनिधि की मौजूदगी में होना जरूरी था।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यह मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं है बल्कि दस्तावेजों में हेराफेरी और आपसी सांठगांठ की आशंका को भी मजबूत करता है।

भाजपा ने कांग्रेस सरकार से इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि जनता के पैसे से जुड़े इस मामले को दबाया नहीं जा सकता और भाजपा हर हाल में सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब मांगेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा