मंत्री रामविचार नेताम पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : यू-ट्यूबर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ एफआईआर की मांग, थाने में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
- Admin Admin
- Jan 18, 2026



बलरामपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक यू-ट्यूब वीडियो को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के विरुद्ध कथित रूप से मानहानिकारक, अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में यू-ट्यूबर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज रविवार काे थाना रामानुजगंज में लिखित शिकायत सौंपते हुए एफआईआर दर्ज न होने तक थाने में ही बैठे रहने का ऐलान कर दिया है।
थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा यू-ट्यूबर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ आवेदन दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि आकांक्षा टोप्पो ने अपने फेसबुक अकाउंट से लगभग 1 मिनट 47 सेकंड का एक वीडियो प्रसारित किया, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रामविचार नेताम को केंद्र में रखते हुए अभद्र, अपमानजनक और मानहानिकारक शब्दों का प्रयोग किया गया।
आवेदन के अनुसार, उक्त वीडियो में मंत्री रामविचार नेताम के फोटो का प्रयोग कर उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया और ऐसे कथन किए गए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और राजनीतिक छवि को ठेस पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में प्रयुक्त भाषा न केवल असंसदीय है, बल्कि आम जनता को उकसाने वाली और वैमनस्यता फैलाने वाली भी है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया है कि आकांक्षा टोप्पो पूर्व में भी इसी प्रकार के आचरण के चलते थाना सीतापुर में संज्ञेय धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हो चुका है, बावजूद इसके वह लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर रही है। आरोप है कि वह नकारात्मक प्रचार के माध्यम से सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने और अवैध लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से झूठे व भ्रामक वक्तव्यों का सहारा ले रही है।
शिकायत देने के बाद भाजपा कार्यकर्ता थाने में ही बैठ गए। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक वे थाना परिसर से नहीं जाएंगे। कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को न केवल एक मंत्री का अपमान, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक सौहार्द पर हमला बताया है।
आवेदन में मांग की गई है कि सोशल मीडिया के माध्यम से मानहानि, अपमान और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने के आरोप में आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के कृत्यों पर प्रभावी रोक लग सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय



