छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने 6000 करोड़ रुपये के घाटे का किया दावा
- Admin Admin
- Jan 03, 2026
24 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव
रायपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने छह हजार करोड़ के घाटे का दावा किया है। इसका हवाला देते हुए कंपनी ने नए सत्र 2026-27 के लिए बिजली का नया टैरिफ तय करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग में याचिका दी है। कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
पावर कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि कंपनी का दावा है कि नए सत्र के लाभ को पुराने घाटे में समायोजित करने के बाद भी लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की जरूरत है। विद्युत कंपनी के इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग नियमानुसार आम उपभोक्ताओं और संबंधित पक्षों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित करेगा। जनसुनवाई के बाद नियामक आयोग अंतिम निर्णय लेगा।
नियमों के मुताबिक पॉवर कंपनी को दिसंबर माह में नए सत्र के टैरिफ के लिए याचिका लगानी होती है। पॉवर कंपनी ने आयोग से 31 दिसंबर तक का समय याचिका लगाने के लिए मांगा था। इसके एक दिन पहले ही 30 दिसंबर को पॉवर कंपनी ने अपनी याचिका लगाई। इस याचिका में पूरा लेखा-जोखा देते हुए पॉवर कंपनी ने बताया है कि नए सत्र 2026-27 में उसको कितने का राजस्व मिलेगा और उसका खर्च कितना है। नए सत्र के फायदे को पुराने घाटे में कम करने के बाद भी पॉवर ने करीब छह हजार करोड़ के राजस्व की जरूरत बताते हुए टैरिफ में इजाफा करने की मांग रखी है।
पिछली बार पॉवर कंपनी ने नियामक आयोग में जो याचिका लगाई थी, उसमें करीब पांच हजार का घाटा बताया था, लेकिन आयोग ने इसको पांच सौ करोड़ माना था। कंपनी द्वारा मांग की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता 28397.64 करोड़ रुपये के स्थान पर 25636.38 करोड़ रुपये मान्य किया गया था। वितरण कंपनी द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित विद्युत विक्रय 35727 मिलियन यूनिट के स्थान पर 36540 मिलियन यूनिट मान्य की गई थी। इसी तरह वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत की अनुमानित बिक्री पर प्रचलित टैरिफ से अनुमानित 4947.41 करोड़ रुपये राजस्व घाटे के स्थान पर 523.43 करोड़ रुपये मान्य किया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा



