(अपडेट) मुख्यमंत्री सरमा ने 6,347 ग्रेड-III अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे
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- Jan 10, 2026
गुवाहाटी, 10 जनवरी (हि.स.)। स्वच्छ प्रशासन, सेवा में ईमानदारी और पारदर्शी व मेरिट आधारित भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को यहां अर्जुन भोगेश्वर बरुवा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में असम डायरेक्ट रिक्रूटमेंट एग्ज़ामिनेशन (एडीआरई) के तहत चयनित 6,347 ग्रेड-III अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नियुक्तियों के साथ ही वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में कुल सरकारी नियुक्तियों की संख्या बढ़कर 1,56,679 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि एडीआरई के तहत चयनित शेष अभ्यर्थियों को 10 फरवरी से पहले नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। डॉ. सरमा ने कहा कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मुकदमेबाजी से मुक्त रही है तथा इस मॉडल का अध्ययन अब देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 10 मई 2023 को एडीआरई के माध्यम से कुल 24,787 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था, जिनमें से 11,084 को ग्रेड-III और 13,739 को ग्रेड-IV पदों पर नियुक्ति दी गई। दूसरे चरण में 50 से अधिक सरकारी विभागों के लिए छह हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें दस्तावेज़ सत्यापन के बाद 6,347 ग्रेड-III अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए पात्र पाए गए। इनमें सर्वाधिक 1,764 नियुक्तियां कृषि विभाग में, 772 पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, 460 स्कूल शिक्षा, 433 सामान्य प्रशासन, 280 सिंचाई, 261 राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा 171 गृह एवं राजनीतिक विभाग में की गई हैं।
नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे भ्रष्टाचार से दूर रहने और अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही किसी भी प्रकार की अनैतिक प्रथा को न अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी न केवल स्वयं ईमानदार रहें, बल्कि व्यवस्था के भीतर भ्रष्टाचार के विरुद्ध भी सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने गरीब और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उन्हें उच्च गुणवत्ता की सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से ‘टीम असम’ की भावना विकसित करने, आपसी सहयोग से फाइलों के त्वरित निपटारे और प्रशासन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रवृत्ति नौकरी मिलने के बाद समाप्त नहीं होनी चाहिए, बल्कि सेवा के अंतिम दिन तक निरंतर सीखते रहने और ज्ञानवर्धन की मानसिकता बनाए रखना आवश्यक है।
डॉ. सरमा ने यह भी अपील की कि नवनियुक्त कर्मचारी अपने पहले वेतन से माता-पिता को कुछ भेंट करें और आगे चलकर अपने क्षेत्र के नामघरों तथा आस्था से जुड़े संस्थानों के लिए भी योगदान दें।
इस अवसर पर कृषि मंत्री अतुल बोरा, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री बिमल बोरा, गुवाहाटी नगर निगम के मेयर मृगेन सरनिया, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, कृषि विभाग की आयुक्त-सचिव अरुणा राजोरिया, सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त-सचिव एमएस मणिवन्नन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश



