देश लिख रहा महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

13 लाख महिलाएं बनी लखपति दीदी, 51 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े स्वयं सहायता समूहों से

जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखा जा रहा है। राजस्थान में भी राजीविका के माध्यम से महिलाएं प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजीविका की प्रत्येक बहन पारिवारिक आय बढ़ाने में योगदान दे रही है और पूरे परिवार को आत्मनिर्भर बना रही है।

शर्मा शुक्रवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी, ज्ञान की देवी मां सरस्वती और शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधना की जाती है। ये तीनों ही रूप हमारी माता-बहनों में समाहित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार आवास से लेकर रसोई गैस सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ महिलाओं को प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान के निर्माण में भी आधी आबादी की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजीविका की लगभग 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है। इनमें से मिलेनियर दीदी भी बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों ने सिद्ध कर दिया है कि महिलाएं बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी हैं। साथ ही, महिलाओं ने ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी से भी मुक्ति पाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 51 लाख ग्रामीण परिवारों को 4 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। साथ ही, 32 हजार ग्राम संगठन और 1 हजार से अधिक क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से राजीविका का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत लगभग 36 लाख परिवार कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों से जुड़कर काम कर रहे हैं।

शर्मा ने कहा कि राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आजीविका संवर्धन हेतु प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन और गैर-कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साढ़े 3 हजार से अधिक उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। इनके माध्यम से लगभग 3 लाख परिवारों को कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों में जोड़ा गया है। किसान परिवार की महिलाएं पशुपालन भी करती हैं। इसलिए हमारी सरकार पशुपालकों को दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना में देय राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है। इस योजना में लगभग 10 लाख गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मा वाउचर योजना से गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा मिल रही है। अब तक 2 लाख 26 हजार महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिल चुका है। साथ ही, शिक्षा सेतु योजना के तहत 90 हजार से अधिक महिलाओं व बालिकाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया है। इसी तरह राज्य में महिला सुरक्षा के लिए 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का गठन कर उनका प्रभावी संचालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी है। 1 लाख 44 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, 12 जनवरी को युवा दिवस पर इस वर्ष में 1 लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया है। इनमें मातृशक्ति को भी रोजगार के भरपूर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने युवा नीति जारी की है। महिलाएं स्वरोजगार के लिए इसका लाभ उठाएं।

शर्मा ने कहा कि राजीविका की महिलाओं ने बैंक, बाजार और सरकारी योजनाओं से जुड़कर वित्तीय आत्मनिर्भरता पाई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद बेच रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घर का बजट तो तय करती ही हैं, राजस्थान के बजट में भी वे अमूल्य सुझाव दें। राजीविका महिलाएं स्वयं सहायता समूहों को और मजबूत बनाने, आजीविका के नए अवसर पैदा करने, उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, प्रशिक्षण और कौशल विकास से संबंधित राय दें।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, स्टेट मिशन निदेशक स्वयं सहायता समूह नेहा गिरि सहित अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राजीविका महिलाएं उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर