नाद-ब्रह्म महोत्सव के शिल्प मेले में मनोज गुप्ता के भजनों और गीतों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
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- Jan 16, 2026
प्रयागराज, 16 जनवरी (हि.स.)। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित लोक संगीत, शास्त्रीय संगीत एवं जन आस्था के जीवंत संगम के रूप में “चलो मन गंगा यमुना तीर“ नाद ब्रह्म महोत्सव के तहत आयोजित 15 दिवसीय शिल्प मेले के पांचवें दिन शुक्रवार को प्रसिद्ध भजन एवं गजल गायक मनोज गुप्ता ने अपने भजनों और गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने अपने कार्यक्रम का शुभारम्भ गणपति वंदना से करते हुए श्रीरंग पाण्डेय की रचना “तीरथराज प्रयाग में लगा माघ पर्व का मेला“, कैलाश गौतम की रचना “चलो जी चलो आज संगम नहाए“, “सीताराम दरस रस बरसे जैसे सावन की झड़ी“, “मेरी चौखट पर चलकर आज चारों धाम आए हैं“, मीराबाई का भजन “चलो मन गंगा यमुना तीर“, “अब जागो है अंजनी कुमार“ सहित कई भजनों एवं अंत में श्रोताओं की मांग पर “ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा“ कव्वाली की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गायन में प्रिया पाण्डेय, मितुल राय,साक्षी यादव एवं कशिश शुक्ला ने तथा वादन में सिंथेसाइजर पर रवि बाजपेई, ऑक्टोपैड पर प्रशांत भट्ट, तबले पर सूर्या भट्ट एवं ढोलक पर कार्तिक भट्ट ने बहुत ही सुंदर साथ देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।
कार्यक्रम के पश्चात कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय, मधुकांक मिश्रा ,कृष्ण मोहन द्विवेदी, हिमानी रावत, प्रदीप भटनागर, अभिलाष नारायण एवं संजय पुरुषार्थों ने अंगवस्त्रम एवं पौधा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मिस्बाह इलाहाबादी ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र



