नोएडा प्राधिकरण की जमीन कब्जा करने वाले बिल्डर समेत 18 लोगों पर केस दर्ज

नोएडा, 05 जनवरी (हि.स.)। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बसी बाउद्दीननगर, गढ़ी चौखंडी और इलाहाबास गांव में अवैध निर्माण करने के मामले में बिल्डर कंपनी समेत 18 लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में 6 मुकदमे रविवार की रात दर्ज कराए गए हैं। फेस-2 और फेस-3 थाने की पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी विजय कुमार गौतम ने साेमवार काे बताया कि नोएडा प्राधिकरण के अवर अभियंता मोहित भाटी ने फेस-3 थाने में एफआईआर दर्ज कराई कि बसी बाउद्दीननगर गांव में प्राधिकरण की जमीन है। उस जमीन पर बिना अनुमति लिए सौरभ राणा, नितिन राणा और ब्रिकलैंड डेवलपर्स प्रबंधन ने अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया। वहीं नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक पारसनाथ सोनकर ने प्राधिकरण की बसई गांव स्थित जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले अशोक कुमार, ओमवीर यादव, विजय नागर और भूपेंद्र गुप्ता पर कब्जा करने का मामला दर्ज कराया है। इसी तरह एक अन्य मामले में अवर अभियंता मुकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि गढ़ी चौखंडी गांव में प्रदीप कुमार, रामराज, अजय तिवारी, अवध सिंह, नवीन, विशाल मिश्रा, उदयवीर चौहान, राकेश यादव ने प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया हुआ है।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि अवर अभियंता विजेंद्र सिंह ने फेस-2 थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि इलाहबास गांव और निम्मी विहार में प्राधिकरण की अधिसूचित और अर्जित जमीन है। जमीन पर गांव के राम अवतार सिंह और दानिश अली ने अवैध कब्जा किया हुआ है। नोटिस के बाद भी जमीन को कब्जामुक्त नहीं किया गया। आरोपित रात में छिपकर अवैध निर्माण कार्य करा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में थाना फेस 2 में नोएडा विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता हिमांग कटारिया ने अमित त्यागी और अन्य को नामित करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है कि ये लोग हल्द्वानी गांव के विभिन्न खसरा नंबर पर अवैध रूप से निर्माण कर रहे हैं। उनके अनुसार जब नोएडा प्राधिकरण की टीम वहां पर निर्माण को रुकवाने गई तो आरोपिताें ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी