केंद्र ने तमिलनाडु में 235 करोड़ की बंदरगाह परियोजनाएं कीं शुरू, सोनोवाल बोले- समुद्र आधारित विकास को मिलेगी गति
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- Jan 08, 2026
नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के दो प्रमुख बंदरगाहों में समुद्री अवसंरचना और डिजिटल प्रशासन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 235 करोड़ रुपये का निवेश शुरू किया है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने विकसित भारत, विकसित पोर्ट्स कार्यक्रम में कहा कि यह पहल भारत के समुद्री आधारित विकास, तटीय सुरक्षा और व्यापार सुगमता को नई गति देगी। कार्यक्रम में 129.36 करोड़ रुपये चेन्नई पोर्ट अथारिटी तथा 105.64 करोड़ रुपये कमराजार पोर्ट लिमिटेड के लिए निर्धारित किए गए हैं।
चेन्नई पोर्ट में सोनोवाल ने तीन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें 850 मीटर तटीय रिवेटमेंट की मरम्मत व सुदृढ़ीकरण (33.28 करोड़ रुपये), तेल गोदी क्षेत्र में अग्निशमन पंप हाउस का निर्माण (43 करोड़ रुपये) जो ओआईएसडी सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगा तथा चेन्नई पोर्ट अस्पताल का आधुनिकीकरण (8.08 करोड़ रुपये) शामिल है।
सोनोवाल ने एसएपी आधारित एकीकृत डिजिटल प्रणाली एंटरप्राइज बिजनेस सिस्टम (ईबीएस) का भी उद्घाटन किया, जिस पर 45 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह मंच वित्त, बंदरगाह संचालन, मानव संसाधन, परिसंपत्ति, खरीद और ग्राहक सेवाओं को एकीकृत कर पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाएगा।
कमराजार पोर्ट में सोनोवाल ने उत्तर पश्चिम सीमा पर नई बाउंड्री वाल का भी शिलान्यास किया जिसकी लागत 1.39 करोड़ रुपये है। साथ ही 202 मीटर नार्थर्न ब्रेकवाटर हेड के पुनर्वास व मजबूतीकरण कार्य का उद्घाटन किया गया, जिस पर 105 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। चक्रवात थाने और नीलम से क्षतिग्रस्त इस हिस्से को 3035 नए 25 एमटी टेट्रापाड लगाकर मजबूत किया गया है, जिससे नौवहन सुरक्षा व रसद दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पोर्ट प्रक्रिया के अनुरूप ई पोर्ट क्लियरेंस पोर्टल भी जारी किया, जिससे पोर्ट क्लियरेंस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन, निर्गमन और अग्रिम स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन होगी। इससे पोत एजेंट व शिपिंग कंपनियां एक ही लागिन से प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे और टर्नअराउंड समय घटेगा। सोनोवाल ने रायल मद्रास याट क्लब (आरएमवाईसी) को 18 लाख रुपए का चेक सौंपी, जिसके तहत 20 विद्यार्थियों को नौकायन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने चेन्नई पोर्ट स्कूल के विद्यार्थियों के कौशल विकास को प्रेरक बताया। उन्होंने तोंडियारपेट स्थित स्वबोधिनी स्कूल और विशेष बच्चों के व्यावसायिक केंद्र का दौरा कर कहा कि समावेशी विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संस्थान के विशेष शिक्षा, फिजियोथेरेपी, संवेदी उपचार, योग, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण (प्रिंटिंग, मोमबत्ती, साबुन, कंप्यूटर शिक्षा) मॉडल की समीक्षा की और एक पेड मा के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में डॉ मालिनी वी शंकर (कुलपति, भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय), एस विश्वनाथन (अध्यक्ष, चेन्नई पोर्ट अथारिटी) और जेपी आइरीन सिन्थया (प्रबंध निदेशक, कमराजार पोर्ट लिमिटेड) सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। आयोजन में 450 से अधिक बंदरगाह हितधारक, समुद्री पेशेवर, विश्वविद्यालय विद्यार्थी और अधिकारी शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर



