एसआईआर जरूरी, लेकिन प्रक्रिया अव्यवस्थित और अस्पष्ट है : चंद्र कुमार बोस
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- Jan 19, 2026
कोलकाता, 19 जनवरी (हि.स.)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को आवश्यक बताते हुए सोमवार को कहा कि यह प्रक्रिया सही तरीके से संचालित नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है और पूरी कवायद में स्पष्टता का अभाव है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर की सुनवाई में शामिल हुए चंद्र कुमार बोस ने इसे “सीधी तौर पर उत्पीड़न” करार दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण जरूरी है, लेकिन जिस जल्दबाजी और तरीके से यह किया जा रहा है, उससे लोगों में भ्रम और असंतोष फैल रहा है।
चंद्र कुमार बोस, जो वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, ने बताया कि 16 जनवरी को वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ सुनवाई में शामिल हुए थे। उनके दोनों बेटे विदेश में रहने के कारण स्वयं उपस्थित नहीं हो सके थे और उन्होंने अपने माता-पिता को अपनी ओर से पेश होने के लिए अधिकृत किया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने गणना प्रपत्रों के साथ सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज जमा किए थे, इसके बावजूद उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया। बोस के अनुसार, चुनाव अधिकारियों ने दस्तावेजों के आपसी लिंक में समस्या होने की बात कही, जो उनके लिए चौंकाने वाली थी।
चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती। पहले यह कहा गया कि उनका नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, बाद में वही नाम सूची में मिल गया। इसके बाद सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद लिंक में तकनीकी खामी का हवाला दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह तकनीकी समस्या है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है। बोस ने कहा कि वे इस बात से शिकायत नहीं कर रहे कि उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया, बल्कि आपत्ति इस बात पर है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया अव्यवस्थित और अस्पष्ट है, जिससे आम मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



